भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान मंच पर छंदाचार्य शैलेंद्र खरे सोम जी की पुस्तक सोम गज़लाञ्जलि का विमोचन कैलाश मंडलोई कदंब जी ने किया । विमोचन के समय कदंब जी ने कहा – आदरणीय शैलेंद्र खरे सोम जी आज हिंदी साहित्य के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है। इन्हें इनके छंदों के उत्कृष्ट ज्ञान के आधार पर छंदाचार्य के रूप में जाना जाता है। इनके छंदों को पढ़ने के बाद जब हम इनकी गजलों को पढ़ते है तो एक अलग अहसास के साथ आत्मिक शुकून मिलता है। दिल की धड़कनें धड़कने लगती है। आ. खरे जी की पुस्तक “सोम गजलांजलि” के पेज खुलते ही रंगीन यादों के लम्हें तो दर्द का दरिया तो कहीं प्रेम का समंदर हिलोरे लेता है। और पाठक रसिक माशूका के दिल की गहराई में उतर जाता है।
इस उत्तम गजल संग्रह इसके प्रधान संपादक आ. आशीष पाण्डेय जिद्दी जी है जिन्होंने आ. शैलेंद्र खरे सोम की चुनिंदा गजलों को संपादित किया है। मेरे द्वारा इस ग़ज़ल संग्रह का विमोचन मेरे लिए बहुत ही आत्मिक गौरव का विषय है।
मैं इस ग़ज़ल संग्रह की सफलता हेतु आ. छंदाचार्य शैलेंद्र खरे सोम जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना प्रेषित करता हूँ ।
इस अवसर पर डॉ मीना भट्ट पूर्व जिलान्यायाधीशा, अध्यक्षा लोकायुक्त जबलपुर, आ०प्रशांत करण पूर्व आईपीएस अधिकारी, आ०रामावतार बिंजराजका निश्छल जी प्रतिष्ठित व्यवसायी, साहित्य संगम संस्थान शिरोमणि डॉ अरुण श्रीवास्तव जी सतर्कता अधिकारी प०म०रेलवे, आ० किसनलाल अग्रवाल संस्थापक उपाध्यक्ष साहित्य संगम संस्थान, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आ०राजेश पुरोहित जी सहित संस्थान के तमाम साहित्यकार उपस्थित थे ।