कांग्रेस गुजरात चुनाव को वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति की ओर ले जाना चाहती है

बोरसद (आणंद): भारतीय जनता पार्टी विकासवाद के मुद्दे पर गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ रही है जबकि कांग्रेस गुजरात चुनाव को वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति की ओर ले जाना चाहती है। इस देश में तुष्टीकरण की राजनीति की जनक ही कांग्रेस पार्टी है और कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कई बार वोटबैंक की राजनीति को मजबूत करने के लिए राष्ट्र के हितों को ताक पर रखा है ।
भाजपा के शासन में गुजरात की पहचान एक शांत और समृद्ध राज्य की बनी है पर कांग्रेस पार्टी जिस प्रकार की तुष्टीकरण की राजनीति गुजरात में कर रही है उसको जनता अच्छे से समझ चुकी है और इसका जवाब जनता काँग्रेस को गुजरात से उखाड़ फेंक कर देगी।
चाहे 1998 हो, 2002 हो, 2007 हो या फिर 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव, हर बार कांग्रेस गुजरात में जीत का खयाली पुलाव पकाती हैं लेकिन काउंटिंग के दिन जैसे ही मतगणना ख़त्म होती है, कांग्रेस अगले पांच साल तक फिर गायब हो जाती है।