विकासखण्ड कोथावाँ की ग्राम पंचायत जरौआ के मजरा आनन्दपुर में ग्राम प्रधान व लेखपाल की मिलीभगत से किए जा रहे भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। लेखपाल एक व्यक्ति को साथ में रखता है जिसके द्वारा सभी अवैध कार्य किए जाते हैं।
ग्राम आनन्दपुर निवासी अरुण कुमार तिवारी द्वारा दिए शिकायती पत्र में बताया गया कि ग्राम-प्रधान पति कपिल कुमार सिंह और लेखपाल पुष्पेंन्द्र गाँव मे दबंगई से मनमानी करते हैं जिससे गाँव में अराजकता फैली हुई है। लेखपाल और प्रधान-पति मिलकर खेत और चकमार्ग आदि की मनमाने तरीके से पैमाइश करते हैं और स्थानीय किसानों की सहमति लिए बिना उनके खेत की उपजाऊ मिट्टी को उठवाकर चक-मार्ग का पटान करते हैं। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि कुछ दिन पूर्व ग्राम आनन्दपुर में बनवाए गए चकमार्ग मे उसके व उसके चाचा के खेत की मिट्टी को प्रधान-पति व लेखपाल ने दबंगई पूर्वक उठवा लिया जबकि उसने खेत की उपजाऊ मिट्टी उठाने से मना किया था। उक्त लेखपाल द्वारा पूर्व में बने सारे चकमार्ग को अवैध बताकर मनमानी की जाती है।
शिकायत में बताया गया कि लेखपाल भ्रष्टाचार के उद्देश्य से एक व्यक्ति जिसका नाम पंकज है, को साथ में रखता है जो कि स्वयं को भी लेखपाल बताता है। कोई ग्रामीण अगर कोई टोका-टाकी करता है तो पंकज उसको धमकाकर कहता है कि मैं ही सब कुछ हूँ पुराना सब कुछ गलत है। मै जो नापकर बताऊंगा वही सही है। शिकायतकर्ता ने उपरोक्त मामले की न्यायोचित जाँच की माँग की है जिससे गाँव मे हो रही अराजकता पर अंकुश लग सके।