तीन साल से लापता बेटे के गम में परिवार नहीं मनाएगा ईद का त्यौहार

-पुलिस की सुस्ती व राजनैतिक संरक्षण से खुलेआम घूम रहे आरोपित
-सीएम योगी के आश्वासन के बाद भी न्याय के लिए दर दर भटक रहा पीड़ित परिवार


                    सूबे के मुखिया भले ही आम जनमानस की समस्या के समाधान को लेकर कितने भी बड़े बड़े दावे करें लेकिन पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन की गंभीर मामलों में भी सुस्ती के चलते पीड़ितों को न्याय के लिए आज भी कई कई सालों तक दर दर भटकना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला हरदोई जिले से सामने आया है जंहा पर तीन साल पूर्व गायब हुए बेटे की खोजबीन के लिए संघर्षरत एक पीड़ित परिवार सीएम से लेकर पीएम तक से न्याय की गुहार लगा चुका है लेकिन परिवार को न्याय मिलना तो दूर की बात है बल्कि पुलिस व प्रशासन का प्यार आरोपियों पर ही बसर रहा है और पीड़ित परिवार द्धारा आरोपित किये गए व्यक्ति आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। बतातें चलें कि एक ओर पूरे देश के साथ साथ जंहा जिले का पूरा मुस्लिम समाज ईद का त्यौहार मनाने के लिए तैयारियों में व्यस्त हैं तो वहीँ दूसरी ओर लापता बेटे के गम से पीड़ित परिवार ने चौथे साल भी बकरीद की तरह से ईद के त्यौहार को नही मनाने का एलान किया है जिसे लेकर पीड़ित परिवार जल्द ही जिले की मीडिया के सामने अपना दुखदर्द साझा करेगा।
               आइये अब हम आपको बताते हैं कि इस परिवार के द्धारा ईद के त्यौहार को नही मनाने के पीछे की कहानी का पूरा हाल, तो मामला यह था कि अब्दुल पुरवा निवासी मुबीन अहमद और शाहीन फातिमा के 22 वर्षीय बेटे आमिर खां को उसके साथी मोमिनाबाद निवासी नूर आलम पुत्र निसार अहमद व आरिफ पुत्र मुन्ने निवासी अब्दुल पुरवा अपने तीसरे अन्य साथी राहुल श्रीवास्तव पुत्र रमाकांत श्रीवास्तव से तकादे के रूपये वसूलने के लिए 16 जून 2015 को घर से बुलाकर ले गए और तब से आरिफ रहस्यमत तरीके से गायब है और उसका कोई पता पुलिस नहीं लगा सकी है। और हां आमिर के गायब होने के बाद जब उसके पिता मुबीन ने नूर आलम, आरिफ व राहुल श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की तो पुलिस ने आरिफ व राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज उन्हें जेल भी भेज दिया लेकिन आमिर को घर से ले जाने वाले नूर आलम को क्लीनचिट दे दी। आमिर के गायब होने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब रहीमाबाद के पास मिली एक लावारिश लाश को पुलिस ने आमिर का शव बताकर परिवार से जोर जबरदस्ती उसका अंतिम संस्कार करा दिया लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था डीएनए रिपोर्ट में पुलिस के गुडवर्क की उस समय पोल खुल गयी जब पता चला कि बरामद किये गए शव का डीएनए लापता आमिर की माँ शाहीन फातिमा व पिता मुबीन के डीएनए से मैच नही किया जिससे साफ हो गया कि बरामद शव आमिर का नहीं था। बरामद शव की डीएनए रिपोर्ट के मैच नहीं करने के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया कि जब शव आमिर का नही था तो आखिर वह शव किसका था और शव के जिस्म पर आमिर के कपडे कैसे आएं व शव जब पूरी तरह से चल चुका था तो शव के कपडे क्यों नहीं जलें। पुलिस अगर इन बिंदुओं को ध्यान में रखकर अपनी पड़ताल करती और घर से आमिर को ले जाने वाले नूर आलम व आरिफ से सख्ती से पूछताछ करती तो शायद अब तक मामले का खुलासा हो चुका होता लेकिन अब पता नही कि ऐसा क्या रहा कि पुलिस ने मामले में जल्दबाजी दिखाते हुए चार्जशीट दाखिल कर एक परिवार को यह कहते हुए सिसकने पर विवश कर दिया कि लापता की तलाश जारी रहेगी जिसके चलते परिवार में त्यौहार के समय पर भी मातम का माहौल है और परिवार ने पिछलेतीन सालों की तरह इस वर्ष भी ईद का त्यौहार नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
               आमिर की माँ ने रोते बिलखते हुए बताया कि जिस माँ बाप की जवान औलाद तीन साल से गायब हो और पता नही किस हाल में हो, जिन्दा है या अब इन दुनिया में नही है इसकी जानकारी तक नही हो, तो उस परिवार में त्यौहार को कैसे मनाया जा सकता है। आमिर की माँ ने आगे कहा कि उसके बेटे को गायब करने वाले तीन आरोपितों में से एक नूर आलम को जिले एक बड़े नेता का संरक्षण प्राप्त है जिसके दबाब के चलते पुलिस इस मामले में लापरवाही बरतते हुए कार्यवाही करने से बच रही है जिसके चलते उन्हें इंसाफ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि एक माँ से उसके बेटे को जुदा करने वाले आरोपियों को बचाने का प्रयास जो भी करेगा उसके परिवार को तीन साल से आंसू बहा रही एक माँ की बददुआ जरूर लगेगी और वह भी इसी तरह दिन रात रोने पर विवश हो जाएगा जैसे आज वह अपने बेटे के गम में रो रही हैं।
                लापता आमिर के पिता मुबीन ने बताया कि उसका बेटा आमिर तीन साल पहले अपने दोस्त नूर आलम, आरिफ व राहुल के साथ गया था और तब से वह लापता है। बकौल मुबीन उसने जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन से लेकर सीएम योगी से मिलकर भी न्याय दिलाने की मांग की थी लेकिन आरोपितों की राजनैतिक पंहुच व पुलिस की मिलीभगत के चलते आज भी उसे इंसाफ नही मिल पाया है। मुबीन ने बताया कि जब यक उसके लापता बेटे आमिर की कोई जानकारी नही होती है तब तक उनका परिवार किसी भी त्यौहार को नही मनाएगा। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन द्धारा उनके लापता बेटे को खोजने में लापरवाही बरती जाती है या मिलीभगत कर आरोपितों पर विशेष कृपा बरसाकर बचाने का प्रयास किया जाता है तो वह सीएम योगी के आवास के बाहर परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगे।