मानकों को ताख पर रखकर धड़ल्ले से चल रहीं मीट की दर्जनो दुकाने, प्रभावी काररवाई न होने से मीट कारोबारियों के हौसले बलंद

गौसगंज/कछौना (हरदोई) : कोतवाली कासिमपुर के अंतर्गत गौसगंज क्षेत्र व कछौना कोतवाली के अंतर्गत स्थानीय कस्बे में अवैध तौर पर चल रहीं मीट/चिकन की दर्जनों दुकानें फूड सिक्योरिटी स्टैंडर्ड की जमकर धज्जियाँ उड़ा रही हैं। बिना किसी मानक व नियमों को ताकपर रखकर बिना लाइसेंस के ही मीट की दुकानों का बेधड़क संचालन किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रभावी काररवाई ना होने के चलते अवैध मांस का कारोबार करने वाले मीट कारोबारियों के हौसले बलंद हैं।

बताते चलें कि कासिमपुर थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गौसगंज कस्बे में मुख्य बाजार में स्थित रामचंद्र मार्केट के पीछे पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से एक मीट मार्केट (चिकाई मार्केट) संचालित हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक और मार्केट (कुरैशी मार्केट) सोठियावां रोड पर भी लगती है। दोनो स्थानों पर कुल मिलाकर लगभग दो दर्जन मीट की अवैध दुकानें चल रही हैं।

स्थानीय लोग ने बताया कि दर्जनों बार संबंधित अधिकारियों/विभाग से शिकायत करने के बाद भी आज तक कार्यवाई शून्य है। मार्केट व आबादी के आसपास रहने वाले लोग को मीट अवशेषों से फैली गंदगी, बदबू के चलते अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कुछ स्थानीय लोग ने बताया कि गौसगंज पुलिस चौकी पर गाड़ी चलाने व मीट मार्केट में अवैध वसूली करने वाले अबरार का मीट कारोबारियों को खुला संरक्षण प्राप्त है। जिसके चलते स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है।

वहीं दूसरी ओर कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत कछौना कस्बे में गौसगंज रोड, लखनऊ रोड, हरदोई रोड, स्टेशन रोड सहित कस्बे की मुख्य बाजार (गोपी मार्केट) व गाजू-हथौड़ा तिराहा, रेलवे मस्जिद आदि जगहों पर बिना लाइसेंस धड़ल्ले से मीट की कई दुकानें संचालित हो रही है। इन अवैध दुकानों पर खुलेआम मांस बेचने के साथ-साथ दूषित मांस की बिक्री भी की जाती है। एफएसडीए के निर्धारित मानकों का खुला उल्लंघन करते हुए मीट कारोबारी पुलिस प्रशासन या स्थानीय निकाय द्वारा एनओसी प्राप्त किए बिना ही मांस की बिक्री करते हैं। कछौना कस्बे मे तो एक दुकान मस्जिद (रेलवे मस्जिद) के मेन गेट से बिल्कुल सटी हुई संचालित होती है जबकि नियमानुसार मीट की दुकान किसी धार्मिक स्थल से निश्चित दूरी (लगभग 100 मीटर) पर होना चाहिए। मीट अवशेषों का उचित निस्तारण न होने से दुकानों के आसपास भारी गंदगी फैलने व दूषित मांस खाने से लोगों में संक्रमण व गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। पशुओं को काटने से पहले वेटनरी डॉक्टर से जांच की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की जाती है।

वहीं इस संदर्भ में जब जिले के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी सतीश कुमार से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर कार्यवाई की जाती है, संबंधित प्रकरण पर भी जल्द ही संज्ञान लेकर संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को कड़ाई से निर्देशित करते हुए गौसगंज व कछौना में संचालित मीट की अवैध दुकानों/मार्केट पर वैधानिक काररवाई अमल में लाई जाएगी।

रिपोर्ट ➖ एस.बी.सिंह सेंगऱ