डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ – ‘अन्त:स्थ’ और ‘अन्तस्थ’


वर्णमाला के अन्तर्गत जिन य, र, ल, व के समुच्चय को ‘अन्त:स्थ’ कहा जाता है, (अधिकतर पुस्तकों में ‘अन्त:स्थ’ के स्थान पर ‘अन्तस्थ’ का प्रयोग किया गया है, जो अशुद्ध है।) उनमें में से दो वर्ण ‘य’ और ‘व’ को ‘उच्चारण’ और ‘लेखन’ के आधार पर क्या कहा जाता है?

आपकी सुगमता के लिए यहाँ कुछ उदाहरण दिये गये हैं; ताकि उनकी सहायता से आप शुद्ध और उपयुक्त उत्तर तक पहुँच सकें।
उदाहरण :—–
गये-गये, गयी-गई
कुँआ-कुँवा, कौआ-कौवा।
दूसरा प्रश्न :—
‘चवर्ग’ के अन्तर्गत कौन-सा वर्ण ‘अमानक’ है और क्यों?
तीसरा प्रश्न : ‘आगत स्वर’ की संख्या कितनी है?
चौथा प्रश्न : उ, ऊ, ओ, औ कौन-सा स्वर है?
पाँचवाँ प्रश्न : इनमें से कौन-सा वर्ण ‘लुण्ठित’ है?
(क) झ (ख) ट
(ग) र (घ) फ़