मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन सुप्रीम कोर्ट के बृहस्पतिवार की रात के आदेश के बाद आज पहली बार जनता के सामने आए। राष्ट्रपति ने बताया कि वे फिलहाल, कोर्ट का आदेश लागू करने के तौर-तरीकों का पता लगाने के लिए न्यायाधीशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। सु्प्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं को रिहा करने और विपक्षी सांसदों की अयोग्य ठहराये जाने के फैसले को रद्द करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि वार्ता शुरू कर दी गई है और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का अध्ययन किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बारह सांसदों को फिर से उनके पद पर बहाल किए जाने के बाद संसद में विपक्ष का बहुमत हो गया है। न्यायालय के निर्णय के बाद राष्ट्रपति यामीन ने अपने भाषण में साफ कर दिया कि उनकी मंशा इतनी जल्दी हार मानने की नहीं है। उन्होंने इस साल राष्ट्रपति चुनाव के लिए जहां अपनी उम्मीदवारी दोहराई वहीं पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद से विपक्षी उम्मीदवारों पर जमकर निशाना साधा। न्यायालय के निर्णय के बाद संसद में विपक्ष बहुमत और वे अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग कर सकते थे जो कई महीनों से लंबित है। राष्ट्रपति यामीन ने सुरक्षा एजेंसियों पर पकड़ मजबूत करने के प्रयास में पिछले तीन दिनों में दो पुलिस प्रमुख बदले हैं।