कछौना, हरदोई। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था सड़कों पर फैले जानलेवा गड्ढे आतंकवादियों से भी ज्यादा घातक और खतरनाक है। जिसके कारण जनधन की हानि के साथ व्यक्ति की जान तक चली जाती है। यहां तक दुर्घटना से व्यक्ति जीवन भर के लिए विकलांग हो जाता है।
विकासखंड कछौना की लखनऊ हरदोई मार्ग पर ज्ञान तिराहे से गौहानी संपर्क मार्ग है। जिस पर प्रतिदिन ग्राम कामीपुर, ज्ञानपुर, धंधार, गौहानी, मण्डलहिया, नौवा खेड़ा, धुरपुरा, तकिया खन्ना खेड़ा, बरुआहार आदि ग्रामों के ग्रामीणों का आवागमन रहता है। इस मार्ग पर ग्राम धंधार में ग्रामीणों के घरों के पानी की निकासी हेतु नाली की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण घरों का पानी सड़क पर बहता है। सड़क पर हमेशा जलभराव बना रहता है। कई बार इमरजेंसी वाहन फंस चुके हैं। सैकड़ों राहगीर गड्ढों में गिरकर चुटहिल हो चुके हैं। परंतु प्रशासन में जलन समस्या की ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। गहरे गड्ढे व जलभराव से ग्रामीण निकलने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा समस्या नौनिहालों के सामने समस्या हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत कुमार सिंह व अधिवक्ता संत कुमार यादव ने पुरजोर तरीके से शासन-प्रशासन, खंड विकास अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधियों को दर्जनों बार अवगत कराया। प्रशासन द्वारा निराकरण न होने के कारण मार्ग पर अपने स्तर से राबिस व रोड़े डालकर वह मार्ग के किनारे कच्ची नाली खोद कर अस्थाई समस्या के निराकरण का प्रयास किया। सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत कुमार सिंह व अधिवक्ता संत कुमार यादव ने बताया अगर शासन प्रशासन द्वारा शीघ्र समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने को विवश होंगे। जिसका जिम्मेदार शासन-प्रशासन होगा।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता