नेशनल हाईवे पर बने गड्ढों की मरम्मत का कार्य शुरू

कछौना, हरदोई। लखनऊ-पलिया मार्ग पर संडीला से हरदोई तक मार्ग में जगह-जगह गहरे गड्डों से आए दिन राहगीर चोटिल होते थे। मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। इस मार्ग से शासन-प्रशासन सहित हजारों वाहनों का प्रतिदिन आवागमन रहता है। इन गड्ढों की चपेट में आने से कई लोग की दुर्घटना के कारण मृत्यु हो गई थी। वर्तमान समय में यह मार्ग नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ बरेली 731 के अधीन हो गया है। जिसका फोरलेन के तहत निर्माण कार्य शीघ्र बजट स्वीकृत होते ही चालू हो जाएगा। इसकी मेंटेनेंस की जिम्मेदारी प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की है। बजट प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है।

विभागीय अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा आम जनमानस को उठाना पड़ता था। संडीला से हरदोई तक हजारों गहरे गहरे गड्ढे हो गए थे, थोड़ी सी चूक से राहगीर बुरी तरह से चुटहिल हो जाते थे। यह गड्ढे पेप्सी प्लांट के सामने, ग्राम टुटियार के पास, मल्हपुर, संडीला में, खजुर मई तिराहे के पास, डबल पुलिया महरी, हरदोई से पहले न्यू हाईट्स स्कूल के पास हजारों गड्ढों में प्रतिदिन यात्रियों को गुजरना पड़ता था। जिसकी पीड़ा राहगीर झेलते थे। सरकारी सिस्टम आंख बंद किए था, इस ज्वलंत समस्या को कछौना के जय हिंद जय भारत मंच के पदाधिकारियों ने प्रमुखता से उठाया, जबकि सरकार को गड्ढा युक्त अभियान में फीलगुड करते थे। सरकार की मंशा पर अधिकारी पलीता लगा रहे थे। गड्डों की वजह हादसों में इजाफा हो गया था। कई लोग गंभीर चुटहिल होने के साथ मृत्यु भी हो चुकी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त टिप्पणी की थी, सड़कों पर फैले जानलेवा गड्ढे आतंकवादियों से भी ज्यादा घातक और खतरनाक है। जनधन की हानि के साथ आम व्यक्ति की जान तक चली जाती है। व्यक्ति जीवन भर दुर्घटना से विकलांग हो जाता है।

जय हिंद जय भारत मंच की प्रमुखता से समस्या को उठाया, आवाज को प्रशासन ने ध्यान दिया, शनिवार से इन गड्ढों को भरने का अभियान प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की तरफ से शुरू हो गया। जिससे राहगीरों ने संगठन द्वारा इस ज्वलंत समस्या को उठाने के लिए सराहना की। इसी तरह से देश के प्रत्येक नागरिक को अपने आसपास की समस्याओं को सही मंच पर रखनी चाहिए, जिससे लोगों को समस्या की कीमत नहीं उठानी पड़े।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता