भवानीमंडी:- वीरों की धरती वाला प्रान्त राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी निवासी डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित का नाम साहित्य जगत में देश विदेश तक चमक रहा है। वे किसी परिचय के मोहताज नहीं है। पुरोहित ने आशीर्वाद, अभिलाषा, काव्यधारा जैसी पुस्तकें लिखी है। साथ ही उनकी सैंकड़ों कविताएं, कई कहानियां नियमित पत्र पत्रिकाओं एवम समाचार पत्रों में नियमित प्रकाशित होती रहती है। सीधे सरल स्वभाव के धनी, मृदुभाषी पुरोहित योग अपने जीवन में अपनाते हैं। आयुर्वेद में विश्वास रखते हैं। वे सरकारी विद्यालय में हिन्दी विषय के शिक्षक है वे विद्यालय में भी अपने नवाचारों के लिए जाने जाते हैं । देश की कई साहित्यिक संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित किया है। हाल ही में उन्हें यूथ वर्ल्ड कर्णधार सम्मान-2020 से सम्मानित किया गया है।
पुरोहित की रचनाएं विदेशी समाचार पत्रों में छपती है। इनकी रचनाएं सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से लिखी जाती है जो अमेरिका,अफ्रीका ,यूरोप, कनाडा, आस्ट्रेलिया, नेपाल से प्रकाशित हुई है।
वैश्विक महामारी कोरोना में जारी लॉक डाउन के समय काल मे इन्होंने व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये रचनाकारों को जोड़े रखा। ये सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक रचनाकारों को साहित्यिक गतिविधियों से जोड़े रखते हैं। रचनाकारों को छंदबद्ध रचना लिखना सीखाने में लगे हैं। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के इस ग्रुप के 70 के लगभग रचनाकारों की रचनाएं साहित्य दर्शन , ई पत्रिका के 7 अंक प्रकाशित कर सैंकड़ो रचनाएँ प्रकाशित कर चुके हैं जिससे रचनाकारों में नये उत्साह का संचार हुआ है।
पुरोहित ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन करवाते हैं। श्रेष्ठ काव्यपाठ करने वाले रचनाकारों को ऑनलाइन सम्मान समारोह के जरिये आकर्षक सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित भी करते हैं। ग्रुप में नियमित आयोजन ,प्रतियोगिता चलती रहती है। अभी इन्होंने फेसबूक पेज के जरिये रचनाकारों की रचनाओं को देश विदेश में पहुचाने का कार्य भी शुरू किया है नवोदित रचनाकारों के लिए इनके प्रयास प्रशंसनीय है।
साहित्य दर्शन ई पत्रिका के आगामी अंक नारी ही नारायणी का विमोचन आदित्यवार को किया जावेगा। डॉ. पुरोहित के संपादन में प्रकाशित ई पत्रिका को इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी पसन्द किया जा रहा है।
पुरोहित देश की कई साहित्यिक व शैक्षिक व सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हैं। अखिल भारतीय साहित्य परिषद,साहित्य संगम संस्थान,मेरी कलम मेरी पूजा साहित्यिक संस्थान,राष्ट्रीय साहित्य वाटिका,काव्यांकुर, राष्ट्रीय कवि संगम,शीर्षक साहित्य परिषद,कलम बोलती है, सखी साहित्य परिवार, नवचेतन साहित्यिक सरगम, देश के कलमकार, अनंत आकाश हिन्दी साहित्य, हौंसलों की उड़ान यूथ वर्ल्ड न्यूज़ एण्ड सोशल फाउंडेशन युवा साहित्य संसद से जुड़े हैं।