रिचर्ड केटलब्रॉ ने विश्व टेस्ट-चैम्पियनशिप के फ़ाइनल मे शुभमन गिल को ग़लत आउट कराया

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

भारत-ऑस्ट्रेलिया के मध्य खेले जा रहे ‘विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप’ के फ़ाइनल मे आज (१० जून) खेल के चौथे दिन जब भारतीय बल्लेबाज़ों ने अपनी दूसरी पारी शुरू की थी तब लगने लगा था कि भारतीय दल सुदृढ़ स्थिति मे है; परन्तु अकस्मात् शुभमन गिल को ‘तीसरे अम्पायर’ रिचर्ड केटलब्रॉ-द्वारा ग़लत तरीक़े से आउट देने पर विवाद की स्थिति बन चुकी थी। खेल कुछ देर तक रुका रहा।

हुआ यों कि रोहित शर्मा और शुभमन गिल के बीच पहले विकेट के लिए ७ ओह्वरों मे ४१ रन की साझेदारी हो चुकी थी। आठवें ओह्वर के पहले गेंद पर स्टॉक बोलैण्ड ने ‘गुड लेंथ’ पर गेंद फेंका था, जिसमे अतिरिक्त उछाल देखने को मिली थी। उस गेंद पर गिल ने ज़ोरदार प्रहार करना चाहा था; परन्तु वह गेंद बल्ले का बाहरी किनारे लेते हुए ‘स्लिप’ की ओर चला गया; स्लिप के क्षेत्र मे खड़े कैमरन ग्रीन ने उस गेंद को लपकने की पूरी कोशिश की थी; किन्तु गेंद ज़मीन से लगते हुए ग्रीन के हाथ मे पहुँची। ग्रीन ने ‘कैच-आउट’ की अपील की और बेईमान तीसरे अम्पायर ने बिना जाँचे-परखे गिल को आउट दे दिया था।

‘रीप्ले’ मे साफ़ दिख रहा है कि कैच लेते समय गेंद ज़मीन को छू रहा था; दूसरी ओर, विवादास्पद अम्पायर रिचर्ड केटलब्रॉ ने न तो गेंद को ‘ज़ूम’ करके देखा था और न ही वीडियो को ‘स्लो मोशन’ मे चलाकर।

अब उस भ्रष्ट आचरणवाले अम्पायर की वैश्विक स्तर पर “थू-थू” की जा रही है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १० जून, २०२३ ईसवी।)