क्या ‘गांधीवाद’ आज भी प्रासंगिक है?
क्या ‘गांधीवाद’ आज भी प्रासंगिक है?? यह बात तो ठीक है कि राजे- रजवाड़ों, नवाबों, रियासतों में बंटे इस देश के लोगों में अंग्रेजों के विरुद्ध आजादी की अलख जगाने और उन्हें एकजुट करने में […]
क्या ‘गांधीवाद’ आज भी प्रासंगिक है?? यह बात तो ठीक है कि राजे- रजवाड़ों, नवाबों, रियासतों में बंटे इस देश के लोगों में अंग्रेजों के विरुद्ध आजादी की अलख जगाने और उन्हें एकजुट करने में […]
राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार हम प्रतिवर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर को मनाते हैं। गांधी जी ने अहिंसा के बल पर भारत को आज़ादी दिलाई थी। बापू के नाम से भी […]