हिन्दीभाषा/हिन्दी-भाषा-व्याकरण सीखने के प्रति ललक हो तो ऐसी!

August 17, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हिन्दी-भाषा-व्याकरण एवं संरचना-खण्ड की समझ विकसित करने के प्रति तत्पर देश का एक ऐसा शिक्षण-संस्थान है, जिसने मेरी सहमति प्राप्त करने के अनन्तर शीघ्र ही ‘एलायंस एअर’ के गमनागमन (‘आवागगमन’) […]

प्रकट होते, एक-से-बढ़कर-एक व्याकरणाचार्य!

September 19, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल (१७ सितम्बर) एक शिष्य ने मेरे पास सप्रमाण सूचना प्रेषित की थी, “गुरुदेव! आपके ‘परमप्रिय शिष्य’ कहलानेवाले…… (उसका नाम प्रकाशित नहीं करना चाहता।) ने एक व्याकरण की पुस्तक लिख […]

विद्यार्थियों की गुरु के प्रति श्रद्धा और सीखने की ललक देखते ही बनती थी!

May 8, 2023 0

एक समय था, जब इलाहाबाद का क्षेत्र ‘गोविन्दपुर’ इतना बीहड़ होता था कि लोग-बाग़ वहाँ जाने से डरते थे; परन्तु हमे नहीं भूलना चाहिए कि ‘सभ्यता का विकास’ ऐसे ही बीहड़ और दुर्गम परिवेश मे […]

‘स्वतन्त्र’ हिन्दी-व्याकरणलेखन की आवश्यकता

November 26, 2020 0

—- आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे हिन्दीशब्दकोशकारवृन्द ने हिन्दीशब्दकोश के नाम पर उसे ‘कबाड़ख़ाना’ बनाया है। इसका मुख्य कारण है कि उन्होंने उद्देश्यपरक कोश तैयार नहीं किये हैं। उद्देश्यपरक का प्रश्न इसलिए कि कौन-सा शब्द […]