चाय की कहानी

May 21, 2024 0

ईसा से 2737 साल पहले एक दिन चीन के सम्राट शेन नुंग के सामने रखे गर्म पानी के प्याले में कुछ सूखी पत्तियां आ कर गिरी, जिनसे पानी में रंग आया और जब उन्होंने उसकी […]

क्या आपको मालूम था?

August 18, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय १- इलाहाबाद को एक दिन के लिए ‘देश’ की राजधानी बनाया गया था?२- इलाहाबाद ‘स्वतन्त्रतासंग्राम की अवधि’ मे १० दिनो के लिए सबसे पहले आज़ाद हुआ था?३- इलाहाबाद मे ही […]

अधूरा सच : लड़ाई एक ‘काफ़िर’ के विरुद्ध है इसलिए आप दखल न दें

August 13, 2022 0

बचपन मे उत्तर प्रदेश बोर्ड की प्राथमिक कक्षा में एक कहानी पढ़ी थी “राखी की लाज”। जिसमे पढ़ाया गया था कि चित्तौड़गढ़ की महारानी कर्णावती गुजरात के शासक बहादुरशाह के हमले से रक्षा के लिए […]

17वीं सदी की महारानी संत केतेवन के अवशेष सौंपे

July 10, 2021 0

विदेश मंत्री डा0 एस0 जयशंकर दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को जॉर्जिया पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 17वीं सदी की जॉर्जिया की महारानी संत केतेवन के अवशेष वहां आयोजित भव्य समारोह में जॉर्जिया के प्रधानमंत्री इराकली […]

सिख इतिहास और चमकते सितारे

March 12, 2021 0

प्रभात रंजन त्रिपाठी (संवाददाता, दिल्ली) वैसे तो देश को आजाद कराने में सभी धर्मों का अमूल्य योगदान रहा है, परन्तु सिख समुदाय को भी भुलाया नहीं जा सकता। अपनी किताब “सिख इतिहास के चमकते सितारे” […]

इतिहास में 4 फरवरी का महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम

February 4, 2021 0

बांका महार भागवतभक्त ने 1318 में आज के दिन समाधि ली थी। हंगरी के प्रिंस बेथलेन और रोम के सम्राट फर्डीनेंड द्धितीय के बीच 4 फरवरी साल 1620 को शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। […]

भारतीय नरेशों की हिंदी-सेवा : भारतीय इतिहास की एक अमूल्य सारस्वत निधि

September 29, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह कृति निजी डाकसेवान्तर्गत आज (२९ सितम्बर) ही हस्तगत हुई है। प्रथम दृष्ट्या श्रद्धेय डॉ० किरन पाल सिंह जी (कार्यक्रम निदेशक– भारतीय राजभाषा विकास संस्थान, देहरादून (उत्तराखण्ड) के कुशल सम्पादकत्व […]

अतीत के झरोखे से : छायावाद के चतुर्थ स्तम्भ महादेवी जी के साथ पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा की गयी एक भेंटवार्त्ता

September 11, 2019 0

● महीयसी महादेवी वर्मा की मृत्युतिथि (११ सितम्बर) पर विशेष मैंने महादेवी जी के साथ अस्सी के दशक में एक मुक्त भेंटवार्त्ता की थी; तब मैं विद्यार्थी और पत्रकार की भूमिका में भी होता था। […]

पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि में रक्षा बंधन : महेन्द्र नाथ महर्षि

August 15, 2019 0

रक्षा बंधन-१५ अगस्त,२०१९ सभी बहनों को धन्यवाद ! इस पर्व के दो मुख्य पक्ष हैं। एक पौराणिक और दूसरा ऐतिहासिक। पौराणिक में पहला कृष्ण का युधिष्ठिर को दिया वह संदेश जिसमें उन्हें प्रजापालक होने के […]

इलाहाबाद में गांधी जी : यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है!

October 2, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के साथ हुआ था :– जाना कहीं था और चले गये कहीं […]

अंतरिक्ष और उच्च तकनीक में भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय सहयोग का इतिहास बहुत लम्बा

March 11, 2018 0

आज प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति मेक्रों International Solar Alliance की Founding Conference की सह-अध्यक्षता करेंगे । भारतीय प्रधानमन्त्री ने का कि Planet Earth के भविष्य की खातिर, हम सभी International Solar Alliance की सफ़लता […]

‘हिन्दुत्व के ठीकेदारो! इतिहास के साथ ‘राजनीति’ मत करो

February 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-  हिन्दू-हिन्दुत्व के नाम पर सम्पूर्ण देश में ‘मात्र सत्ता की राजनीति’ करने के लिए संकुचित हिन्दूवादी राजनीतिक दल ‘भारतीय जनता पार्टी’ भारतीय समाज की पारस्परिक सौहार्द-भावना को छिन्न-भिन्न करने की दिशा में […]

कश्मीर समस्या – इतिहास और भविष्य

January 8, 2018 0

सुधान्शु बाजपेयी- कश्मीर एक बार फिर तड़प रहा है, अपनी नियति खुद तय करने के लिए, मगर उसकी पीड़ा, उसकी आह सुनने वाला कोई नहीं । कश्मीर पर ऐसे बात की जा रही है जैसे […]

गुजरात में लगातार छठी बार भाजपा की सरकार

December 18, 2017 0

भारतीय जनता पार्टी लगातार छठी बार कांटे की टक्कर के बाद गुजरात में सत्ता कायम रखी है । वहीं हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने कांग्रेस की सत्ता को उखाड़ फेंका है । हिमाचल में बीजेपी को […]

इतिहास बीमार है—

November 22, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय   इतिहास के फड़फड़ाते पृष्ठ कर रहे हैं, असामयिक मौत का इन्तिज़ार  और बदलता युग, वार्धक्य का एहसास करते हुए समय के चरमराते पलंग पर खाँसता है। इंसान बूढ़े होते इतिहास की […]

हिंदी साहित्य में भक्तिकाल एव सामाजिक चिंतन

October 31, 2017 0

डॉ.आकांक्षा मिश्रा, गोंडा (उत्तर -प्रदेश) भारतीय धर्म-साधना में भक्ति के मार्ग का विशिष्ट स्थान माना जाता है , मनुष्य प्राकृतिक शक्तियों के दैवीकरण के बाद देवताओं में असीम भक्ति की उपज होने के साथ ही […]

‘ताजमहल’ के नाम पर राजनीति करनेवालो! उत्तर दो।

October 16, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘इण्टर पास’ विद्यार्थी, संगीत सोम, जो अब ‘भारतीय जनता पार्टी’ के प्रत्याशी के रूप में विधायक का चुनाव जीत कर उत्तरप्रदेश की राजनीति में पहुँचा है, क्या कहता है, सुनिए (वह विधायक […]