जिस घर में तुलसी उस घर में भगवान

सनातम धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। ऐसा मानना है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, उस घर में भगवान विष्णु, ब्रम्हा, शिव और लक्ष्मी का वास होता है साथ ही उस घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है और आस पास का वातावरण शुद्ध होता है। आमतौर पर घरों में दो तरह के तुलसी के पौधे लगाए जाते हैं। पहला जो रामा तुलसी के नाम से जाना जाता है दूसरा जिसे श्यामा तुलसी के नाम से जानते हैं। रामा तुलसी की पतियां हरे रंग की होती हैं लेकिन श्यामा तुलसी की पतियां काले रंग की होती हैं और इस तुलसी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है, उस घर में किसी भी तरह का वास्तुदोष नहीं होता है इसके साथ ही इससे पर्यावरण की रक्षा होती है।


तुलसी का वैज्ञानिक महत्व


भारतीय संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है इस बात से तो आप वाकिफ हैं ही लेकिन आयुर्वेद में इसके औषधीय गुणों के कारण तुलसी को विशेष महत्व दिया गया है।
आयुर्वेद की मानें तो तुलसी के पौधे के हर भाग में ऐसे गुणकारी रहस्य छुपे होंते हैं जिससे ये पौधा हर तरह से शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। आयुर्वेद ने इसे मात्र तुलसी न कहकर इसे संजीवनी बूटी और महाऔषधि का नाम दिया है जो सौ प्रतिशत सही है। तुलसी के हर एक भाग में चाहें वह जड़ हो या तना, पत्ता हो या मंजरी औषधियों का खान है इसलिए जो व्यक्ति प्रतिदिन तुलसी के पत्तों को सेवन करता है वह लंबे समय तक बीमार नहीं पड़ता। तुलसी में ऐसे अनेकों गुण पाए जाते हैं जिसका रोजाना सेवन करने से यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और बड़ी से बड़ी बीमारियों से लड़ने और उनकी रोकथाम करने में सहायक होती है। इसका सेवन सर्दी जुकाम, श्वास संबंधित बीमारियां, दंत रोग, खांसी,मलेरिया, जोड़ों के दर्द, ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, हाइपरटेंशन आदि जैसे रोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। इसके अतिरिक्त तुलसी का उपयोग होमियोपैथी दवाईयों को बनाने में, एलोपैथी और यूनानी दवाओं को बनाने में भी किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है। वेदों में भी तुलसी की उपयोगिता और गुणों का वर्णन किया गया है।