संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही आज 20 वें दिन भी विपक्ष के हंगामे के कारण बाधित रही। बजट सत्र समाप्त होने में अब सिर्फ दो दिन बाकी है। भोजनावकाश के बाद राज्यसभा की बैठक दिनभर के लिए स्थगित करने से पहले बार-बार बाधित हुई। विपक्षी सदस्यों ने भ्रष्टाचार निवारण संशोधन विधेयक-2013 पेश किये जाने के दौरान भी गतिरोध जारी रखा। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण संशोधन विधेयक-2013 विचार किये जाने और पारित करने के लिए सदन में पेश किया।
उप-सभापति पी. जे. कुरियन ने अपील की कि विधेयक पर बहस शुरू होने दें। विधेयक पर मत-विभाजन को लेकर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध जारी रहा और उप-सभापति को सदन की बैठक दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी, जिससे यह विधेयक पारित नहीं हो पाया। इससे पहले, विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि समूचा विपक्ष सदन में बकाया सभी विधेयकों को पारित कराने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि बैंक घोटाला और सी बी एस ई पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए। संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया और निरंतर गतिरोध के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। इससे पहले, राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने 12 नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। उधर, लोकसभा में हंगामे के बीच अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने में असमर्थता व्यक्त की। उन्होंने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।