आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय–
शनिवार-रविवार; १३-१४ जुलाई, २०२४ ई० ग्रेट ब्रिटेन मे लन्दन के ऑल इंग्लैण्ड लॉन टेनिस ऐण्ड क्रिकेट क्लब’ मे खेले गये महिला और पुरुष-एकल-उपाधि के फ़ाइनल मुक़ाबले के परिणाम चेक गणराज्य और स्पेन के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक रहे। जहाँ १३ जुलाई को चेक गणराज्य की टेनिस-खेलाड़िन बारबोरा क्रेजिकोवा ने इटली की जैस्मिन पाओलिनी को विम्बलडन चैम्पियशिप के महिला-एकल-फाइनल-स्पर्द्धा मे ६-२, २-६ एवं ६-४ से पराजित करते हुए, अपने खेल-जीवन का दूसरा महिला-एकल ‘ग्रैण्ड स्लैम’ जीत लिया है। इससे पहले उन्होँने वर्ष २०२१ मे फ्रेंच ओपेन चैम्पियनशिप जीती थी। वहीँ पाओलिनी लगातार दूसरी बार फाइनल मे ग्रैण्ड स्लैम जीतने से वंचित रही हैँ। इसप्रकार क्रेजिकोवा इस वर्ष विम्बलडन मे पहली महिला-एकल चैम्पियन बनी हैँ। क्रेजिकोवा चेक गणराज्य की पाँचवीँ खेलाड़िन हैँ, जो विम्बलडन के फ़ाइनल तक पहुँची थीँ।
दूसरी ओर, १४ जुलाई को स्पेन के कार्लोस अल्कारैज सर्बिया के नोवाक जोकोविच को पुरुषवर्ग के एकल फ़ाइनल-स्पर्द्धा मे सीधे सेट मे ६-२, ६-२ एवं ७-६ से पराजित कर पुरुषोँ की एकल-उपाधि पर अपना एकाधिकार करते हुए, लगातार दूसरी बार विम्बलडन-चैम्पियनशिप-सहित चार ग्रैण्ड स्लैम जीत चुके हैँ। वे सबसे कम अवस्था मे चार ग्रैण्ड स्लैम जीतनेवाले पहले खेलाड़ी बन चुके हैँ।
महिला-वर्ग की एकल-उपाधि के लिए खेले गये मुक़ाबले मे बारबोरा क्रेजिकोवा बिलकुल मस्त अन्दाज़ मे दिख रही थीं; चेहरे पर कहीँ कोई तनाव नहीँ। उनकी ‘सेवा’ (सर्विस) करने की शैली, बैक हैण्ड, फोर हैण्ड लगाने और ड्रॉप करने का ढंग लाजवाब था। उनका रैकेट से स्पिन कराते हुए गेँद को प्रतिद्वन्द्वी के पाले मे भेजने की कलात्मक शैली देखते ही बनती थी। दूसरी ओर, जैस्मिन पाओलिनी अपेक्षाकृत आक्रामक और कुछ चिन्तित दिख रही थीँ।
बारबोरा क्रेजिकोवा विश्व की वरीयता-क्रम मे ३२वीँ खेलाड़िन थीँ, जबकि जैस्मिन पाओलिनी का वरीयता-क्रम मे ७वाँ स्थान था। क्रेजिकोवा ने पहला सेट तो आसानी से ६-२ से पाओलिनी से जीत लिया था; परन्तु दूसरे सेट मे पाओलिनी अपने रंग मे आ चुकी थीँ। उनका फोर स्ट्रोक, बैक स्ट्रोक, टॉप-स्पिन, बैक स्पिन, सर्विस करने और तोड़ने की शैली देखते ही बन रही थी। फिर क्या था! पाओलिनी ने क्रेजिकोवा से अपने पहले सेट मे हार का बदला लेते हुए ६-२ से दूसरा सेट अपने नाम कर लिया था, जिसका परिणाम यह हुआ कि मैच निर्णायक सेट तक पहुँच गया। इसका मुख्य कारण था कि क्रेजिकोवा ने अपनी सर्विस मे बहुत ग़लतियाँ की थीँ; मस्तमौला अन्दाज़ मे दिख रही थीँ; चेहरे पर कहीं कोई शिकन नहीँ और न ही चैम्पियनशिप जीतने के प्रति आक्रामक प्रदर्शन दिख रहा था।
तीसरे और निर्णायक सेट मे क्रेजिकोवा का कलात्मक प्रदर्शन आकर्षक था।
क्रेजिकोवा ने चैम्पियनशिप जीतने के बाद जो कहा था, वह इस बात पर मुहर लगाता है कि वह कितने मस्ताने अन्दाज़ मे मौन रहकर प्रदर्शन कर रही थीँ। उन्होँने कहा था– मै जिस अन्दाज़ मे खेल रही थी, उससे किसी को विश्वास नहीँ हो रहा था कि मै जीत भी सकती हूँ। दूसरी ओर, अपनी पराजय के बाद भी हँस रही पाओलिनी ने कहा था– मुझे फ़ाइनल खेलने मे मज़ा आ रहा था। मै खेल का लुत्फ़ उठा रही थी।
कार्लोस अल्कारैज ने पुरुष-एकल के फ़ाइनल मे प्रथम दो सेट मे नोवान जोकोविच को आसानी से मुँह की खाने के लिए विवश कर दिया था। उनका ‘बैक हैण्ड’ और ‘फोर हैण्ड’ प्रभावकारी था। यही कारण था कि वे जोकोविच को दो सेटोँ मे ६-२, ६-२ से पराजित कर चुके थे। अल्कारैज निर्णायक टेस्ट मे बहुत देर तक ४०-० से आगे थे; परन्तु उनकी सर्विस बेहद घटिया दर्ज़े की दिख रही थी। अल्कारैज को तीसरे और निर्णायक सेट मे ५-४ पर जीत के लिए सर्विस उनके पास ही थी और उनके पक्ष मे तीन मैच प्वाइण्ट (४०-०) थे; लेकिन वे उसे बनाये न रख सके थे। सर्विस करते समय अपेक्षाकृत कई बार ‘डबल फॉल्ट’, लापरवाही भरा प्रदर्शन का ही परिणाम था कि जो मैच ४०-० की अग्रता के ठीक बाद ही समाप्त हो जाना चाहिए था, वह ७-६ पर जाकर समाप्त हुआ था। इसप्रकार मात्र २१ वर्ष के अल्कारैज ने अत्यन्त अनुभव-सम्पन्न ३७ वर्षीय जोकोविच को पराजित कर, ‘ऑल इंग्लैण्ड क्लब के ग्रॉस कोर्ट’ मे पिछले वर्ष की पुनरावृत्ति की है। स्मरणीय है कि अल्कारैज ने वर्ष २०२३ मे पुरुष-वर्ग की विम्बलडन की एकल-स्पर्द्धा मे जोकोविच को ही पराजित कर, अपनी प्रथम विम्बलडन-चैम्पियनशिप जीती थी। दूसरी ओर, जोकोविच अपनी आठवीँ विम्बलडन और पच्चीसवीँ ग्रैण्ड स्लैम उपाधि से वंचित रह गये थे। उल्लेखनीय है कि जोकोविच को ३ जून, २०२४ ई० को घुटने मे गम्भीर चोट लगी थी, जिसकी ५ जून को शल्यचिकित्सा की गयी थी।
पुरुष-वर्ग के युगल फ़ाइनल-स्पर्द्धा मे ग्रेट ब्रिटेन के हेनरी पैटन और फिनलैण्ड के हेरी होलियोवारा की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी मैक्स पर्सेल और जॉर्डन थॉमसन को पराजित कर, अपना पहला ग्रैण्डस्लैम जीत लिया है। उन्हेँ इस उपाधि को जीतने मे २ घण्टे ५० मिनट तक अत्यन्त संघर्ष करने पड़े थे; क्योँकि मैक्स और जॉर्डन की जोड़ी मुँहतोड़ जवाब दे रही थी। हेनरी ऑल इंग्लैण्ड क्लब मे युगल-उपाधि जीतनेवाले ग्रेट ब्रिटेन के तीसरे खेलाड़ी बन चुके हैँ।
विम्बलडन की महिला-युगल फ़ाइनल मे चेक गणराज्य की कैटरीना सिनियाकोवा और संयुक्त राज्य अमेरिका की टेलर टाउनसेण्ड ने कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोव्स्की और न्यूज़ीलैण्ड की एरिन रूटलिफ़ को सीधे सेटोँ मे पराजित कर, महिला-युगल-चैम्पियनशिप जीत ली है। सिनियाकोवा ने विम्बलडन मे यह तीसरी बार महिला-युगल-उपाधि जीती है। टाउनसेण्ड के साथ उनकी यह पहली उपाधि है, जबकि टाउनसेण्ड का यह पहला ग्रैण्ड स्लैम है। सिनियाकोवा ने अपने ही देश की क्रेजिकोवा के साथ मिलकर सात ग्रैण्ड स्लैम महिला-युगल-उपाधि जीती हैँ।
जॉन ज़िलिंस्की (पोलैण्ड) और हसीह सु-वेई (चीन) ने मैक्सिको के सेण्टियागो गोंजालेज और गिउलियाना ऑल्मोस की जोड़ी को मिश्रित युगल-फ़ाइनल- मुक़ाबला मे सीधे सेट मे पराजित कर, मिश्रित चैम्पियनशिप जीत ली है। मैक्सिको की यह जोड़ी पहली बार विम्बलडन मिश्रित युगल के फ़ाइनल मे पहुँची थीँ।