● माफियाओं ने हरा पेड़ काट कर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस ।
● वन विभाग की मिलीभगत से काटे जा रहे विशालकाय पेड़ ।
● बेदर्दी के साथ इन हरे पेड़ो के सीने पे आरा चला रहे हरियाली के दुश्मन ।
कौशाम्बी – जहां एक ओर पूरी दुनिया 5 मई शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम में व्यस्त थी। समाजसेवी, पर्यावरण प्रेमी व आला अधिकारी पौधरोपण कर रहे थे। वही इसके विपरीत करारी इलाके में बड़े-बड़े विशालकाय पेड़ों की कटाई का सिलसिला जारी था। हरियाली के दुश्मन लकड़ी माफियाओं ने पर्यावरण दिवस के भी दिन हरे-भरे पेड़ो को नही बख्शा।
जिले में इस समय हरे पेड़ों की शामत सी आ गई है। वन विभाग की मिलीभगत से अंधाधुंध हरे पेड़ काटे जा रहे हैं । मंझनपुर तहसील के करारी क्षेत्र में धड़ल्ले से हरे पेड़ कट रहे हैं । जिला प्रशासन आंख मूंद कर बैठा है! इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। जिले में वन विभाग व लकड़ी माफियाओं की साठ-गाठ से हरे पेड़ों पर बेदर्दी के साथ आरे चलाए जा रहे हैं।कस्बा सहित क्षेत्र के गांव-गांव में दलाल एवं लकड़ी माफिया सक्रिय है। और धन की सेटिंग होते ही हरी झंडी मिल जाती है। हरे पेड़ों पर कुल्हाड़े चटकने लगते हैं। आखिर कैसे होगा पर्यावरण सुरक्षित ? जब पर्यावरण दिवस के दिन भी कटाई की जाए। जब करारी क्षेत्र के पारा हसनपुर गांव के समीप एक विशाल आम का पेड़ काट दिया गया। ऐसे ही कई गांवों में भी पेड़ काटे गए । जिले के आला अधिकारी भी खामोश है । वन विभाग के अधिकारी जानबूझकर जब बन जाते हैं अनजान। एक पेड़ का परमिशन लेकर, उसकी आड़ में काट दिए जाते हैं छायादार, फलदार हरे भरे 10 पेड़। यही कारण है उजड़ रही जिले की हरियाली और पर्यावरण का संकट पैदा हो रहा। बता दें कि विश्व पर्यावरण दिवस के दिन करारी क्षेत्र के पारा हसनपुर गांव के नहर समीप एक आम का मोटा विशालकाय पेड़ काटा गया। जिसकी फ़ोटो और वीडियो पत्रकारों के कैमरे में कैद हो गई। जब पर्यावरण दिवस के दिन फलदार हरे भरे पेड़ो को नही बख्शा गया तो ऐसे में बाकी दिनों में हरियाली के दुश्मन लकड़ी माफिया इन हरे भरे पेड़ों को कैसे छोड़ेंगे।
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रिपोर्ट जिला संवाददाता आई वी 24 न्यूज़ मसुरिया दीन मौर्य कौशाम्बी 9621680231