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उद्योगपति गौतम अडाणी पर ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार की मेहरबानी

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

नीचे दिख रहे चित्र मे जिन महापुरुष का चेहरा दिख रहा है, वे हैं, देश के महान् उद्योगपति गौतम अडाणी/ अडानी। इन्होंने भारतीय बैंकों से २९ खरब ९३ अरब ९८ करोड़ २० लाख रुपये ‘ऋण’ के रूप मे लिये हैं। इन पर ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ की कृपा निरन्तर बरसती रहती है। इनसे कोई भी बैंकवाला रुपये लौटाने की बात करने का विचार तक नहीं कर सकता।

अब विचार कीजिए, एक सामान्य व्यक्ति लाख-दो लाख-पाँच लाख रुपये ऋण के रूप मे लेने के लिए किसी बैंक मे जाता है तो उसे कितनी कठिनाई का सामना करना पड़ता है; ऋण मिल भी गया और यदि समय पर उसे चुकाया नहीं गया तो उस व्यक्ति को उसी बैंक की ओर से कितना अपमानित किया जाता है, यह सार्वजनिक होता रहता है; यहाँ तक कि उसके वाहन आदिक की कुर्की करके रुपये की ब्याजसहित वसूली की जाती है।
यह भी कलियुगी ‘रामराज-चरित्र’ का एक पक्ष है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ३ अगस्त, २०२२ ईसवी।)