किसानों का कहना है कि मिलगेट व क्रय केंद्रों पर सीधे उपज नहीं ली जा रही और न ही पर्ची दी जा रही । केवल चंद किसानों के पास ही पर्चियां पहुँची हैं । खेतों में फसल खड़ी होने व बुवाई में देरी होने के चलते मजबूरी में विचौलियों के हाथों गन्ना बेंचने को मजबूर हैं। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि फसल के आधार किसानों को पर्चियां दी जा रही हैं। इस बार माफिया या बिचौलिये का खेल नहीं चलने दिया जायेगा। सिस्टम की मॉनिटरिंग हो रही है । चीनी मिल प्रबंधन की मनमानी पर भी नजर रखी जा रही है।
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