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कौशाम्बी : पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत काजीपुर गांव से 5 माह पहले नाबालिग युवती को बहला-फुसला कर भगा ले जाने के संबंध में गांव के ही युवक के खिलाफ पूरामुफ्ती थाने में तहरीर दी गई। मुकदमा 363, 366 का लिख गया। जिसकी विवेचना आरपी सिंह दारोगा कर रहे हैं। युवती के माता-पिता का आरोप है कि विपक्षी से मिलकर दारोगा जी मेरी लड़की को बरामद नहीं कर रहे हैं । 5 माह बीत जाने के बाद आज के दिन तक पुलिस लड़की का कोई अता-पता नहीं लगा सकी और ना ही कोई सुराग पुलिस लगा पायी और ना ही मुनासिब समझा सर्विलांस का प्रयोग करना, जिसे लड़की के बारे में कुछ पता चले ।
लड़की के परिजनों का कहना है कि पुलिस लड़की के बालिग होने का इंतजार कर रही है। विवेचक दारोगा बार-बार लड़की के परिवार वालों के पास जा कर कहते हैं कि एक लाख का इंतजाम करो, फोर व्हीलर प्लस टीम का खर्चा आप ही को वहन करना पड़ेगा, तब जाकर कहीं लड़की मिल पाएगी।लड़की के परिजन थाने का चक्कर लगाते-लगाते व उच्च अधिकारियों के यहां दौड़-दौड़ कर थक हार कर एक किनारे बैठ गए हैं । अब भुक्तभोगी हाईकोर्ट जाने का मन बना रहा है।5 माह बीत जाने के बाद भी पूरामुफ्ती पुलिस के कान पर जूं तक नहीं रेंगी । मुकदमा 363, 366 लिखकर हाथ पर हाथ रख कर बैठी हुई है। लड़की जिंदा है या मुर्दा है, आज दिन तक पुलिस उसका कोई सुराग नहीं लगा सकी । सिर्फ पुलिस को रटी, रटाई बात भुक्तभोगी को बता दी जाती है कि लड़की से मेरी बात होती है। परंतु लड़की के माता-पिता जब कहते हैं कि लड़की से बात कराने के लिए या लड़की कहां है और उसका पता बताओ तो विवेचक दारोगा जी डांट-फटकार कर थाने से भगा देते हैं। माली हालत ठीक न होने के कारण भुक्तभोगी दारोगा जी की डिमांड पूरी नहीं कर पा रहा है । इसीलिए पूरामुफ्ती थाना पुलिस लड़की बरामद करना मुनासिब नहीं समझ रही है और भुक्तभोगी उच्च अधिकारियों के चौखट का भी चक्कर काट चुका है। लेकिन कहीं से न्याय उसे नहीं मिला। अक्सर दारोगा जी को विपक्षी के घर में आते-जाते देखा जाता और वहां पर बैठक करते हैं । जिससे भुक्तभोगी को न्याय मिल पाना मुश्किल ही है। इसलिए भुक्त भोगी हाईकोर्ट में गुहार लगाने का मन बना रखा है और वही से उसे न्याय मिलेगा। अब देखना है कि उच्च अधिकारी इस मामले पर ध्यान देते हैं या ठंडे बस्ते में इस मामले को पड़ा रहने देंगे या लड़की बालिग होने के बाद ही पुलिस बरामद करेगी ।
————–शिवसागर मौर्य