यह एक समाचार-चैनलद्वारा/चैनल-द्वारा प्रस्तुत किया गया समाचार है। (‘चैनल द्वारा’ अशुद्ध शब्द-प्रयोग है; क्योंकि दोनो शब्द पृथक्-पृथक् दिख रहे हैं, जबकि ‘चैनलद्वारा’/’चैनल-द्वारा’/’चैनल ‘के’ द्वारा’ सम्बन्धबोधक कारक है और षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण भी।) इस चैनल के चित्र के ऊपर और नीचे अंकित शब्दों को ध्यानपूर्वक देखें।

सबसे ऊपर के समाचार को पढ़ें; अंकित है– शिकायत पर अधिकारी नहीं करते कारवाई। वाक्य-विन्यास की दृष्टि से यह वाक्य ही अशुद्ध है और अपूर्ण भी। हिन्दी-व्याकरणानुसार किसी वाक्य का गठन करते समय पहले कर्त्ता, फिर कर्म, उसके बाद क्रिया का व्यवहार किया जाता है। ‘अँगूठा वह दिखाता है।’ ‘दिखाता है वह अँगूठा’। ‘वह अँगूठा है दिखाता’। ये सभी वाक्य अशुद्ध हैं। हमे सीधे शब्दों मे प्रयोग करना होगा– ‘वह अँगूठा दिखाता है।’ इसी तरह से उपर्युक्त समाचार के लिए स्वस्थ वाक्य होगा– अधिकारी शिकायत करने पर काररवाई नहीं करते।’ यहाँ पर ‘शिकायत पर’ और ‘कारवाई’ भी अशुद्ध हैं।
नीचे के समाचार-शीर्षक को पढ़ें :–
● सभी मृतक लकड़ी से लदे ट्रैक्टर मे सवार थे।
इस सामाचारिक (‘समाचारिक’ अशुद्ध है।) वाक्य मे भयंकर अशुद्धियाँ लक्षित हो रही हैं।
यहाँ इस वाक्य मे दो प्रकार की अशुद्धियाँ हैं :— प्रथम, सार्थक शब्द-प्रयोग की और द्वितीय, कारकीय विभक्ति की।
अब यहाँ हमने क्रमश: दोनो अशुद्धियों पर विचार किये हैं :—
प्रथम अशुद्धि—
‘मृतक’ का प्रयोग भयंकर भूल है; क्योंकि ट्रैक्टर पर बैठने के लिए सक्रिय रहना पड़ता है। सजीव ही सक्रिय रहते हैं, निर्जीव नहीं। ‘मृतक’ शब्द का अर्थ ‘मरा हुआ’ है। मृतक शब्द का सर्जन ‘मृत’ शब्द से हुआ है। शब्द-भेद की दृष्टि से ‘मृत’ और ‘मृतक’ विशेषण शब्द हैं, जिनका अर्थ ‘मरा हुआ’ है। मृतक की व्युत्पत्ति समझने के लिए ‘मृत’ का संज्ञान आवश्यक है। मृत शब्द ‘मृ’ धातु का शब्द है, जिसका अर्थ ‘मरना’ है। ‘मृ’ धातु मे जैसे ही ‘क्त’ प्रत्यय का संयोग होता है वैसे ही ‘मृत’ शब्द की उत्पत्ति हो जाती है। इसी ‘मृत’ शब्द मे जब ‘कन्’ प्रत्यय जुड़ता है तब हमे वांछित शब्द ‘मृतक’ की प्राप्ति होती है।
ऐसे मे, प्रश्न है– क्या मृतक व्यक्ति स्वयं आकर ट्रैक्टर ‘पर’ बैठ गये थे?
यहाँ सम्बन्धित समाचार-चैनल को ‘मृतक’ के स्थान पर ‘लोग’ का प्रयोग करना चाहिए था और भाव को सुस्पष्ट करने के लिए ‘लोग’ से पूर्व ‘दुर्घटना से पूर्व’ वाक्यांश का प्रयोग। यदि वास्तव मे, उस ट्रैक्टर पर मृतकजन को रखा गया था तो वे ट्रैक्टर पर कैसे रखे गये होंगे? बेशक, उसके लिए ‘ट्रैक्टर-ट्रॉली’ की व्यवस्था की गयी होगी। इस प्रकार शुद्ध वाक्य होगा– ‘सभी मृतकजन को लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली मे रखा गया था/रख दिया गया था।’
द्वितीय अशुद्धि— इसके अन्तर्गत कारकीय विभक्ति की अशुद्धि है। जब कोई गहराई मे अथवा भीतर प्रवेश करता है तब ‘मे’ का प्रयोग होता है। उदाहरण के लिए— कार, बस, रेलगाड़ी इत्यादिक वाहनों ‘मे’ बैठा जाता है और स्कूटर, साइकिल, ट्रैक्टर इत्यादिक वाहनों ‘पर’ बैठा जाता है। इस ‘मे’ और ‘पर’ के प्रयोग को निम्नलिखित उदाहरणों से भी समझा जा सकता है :—
१- वह घर मे है।
२- वह द्वार पर है।
३- वह डेरा पर है।
४- वह जंगल मे है।
५- वह स्कूटर पर बैठी है।
६- वह ट्रैक्टर पर बैठा है।
७- वह रेलगाड़ी मे बैठी है।
८- वह नदी मे स्नान कर रहा है।
इस प्रकार शुद्ध समाचार-वाक्य की रचना होती है :–
● सभी लोग लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली मे सवार थे।
अथवा
● सभी मृतकजन को लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली मे रखा गया था/रख दिया गया था।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २२ मार्च, २०२२ ईसवी।)