‘मुक्त मीडिया’ का आज का सम्पादकीय
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सभी विपक्षियों पर अचूक निशाना साधा है :–
मेरा सभी मतदाताओं से कहना है– हमने यदि काम किया है तो हमें ‘वोट’ दीजिएगा और आपको यदि लगता है कि हमने कोई काम नहीं किया है तो हमें ‘वोट’ मत दीजिएगा।
अब यक्ष प्रश्न है, विपक्षी दल केजरीवाल पर कौन-सा आरोप लगाकर उन्हें कठघरे में खड़ा करेंगे?
दूसरी ओर, काँग्रेस ने ‘आप’ के साथ गठबन्धन न कर, बहुत बड़ी भूल की है।
अब जब दिल्ली-विधानसभा-चुनाव की घोषणा की जा चुकी है तब सम्भावना पर विचार किया जा सकता है। दिल्ली में वहाँ के नागरिकों को जितनी सुविधाएँ केजरीवाल ने दी हैं उतनी देश के किसी भी राज्य और संघ-शासित क्षेत्रों में वहाँ के नागरिकों को नहीं दी गयी हैं। दिल्ली में इस बार ‘विकास’ और ‘अर्थव्यवस्था’ के विषय शीर्ष पर रहेंगे।
८ फरवरी को दिल्ली में चुनाव होंगे और ११ फरवरी को परिणाम आ जायेगा।
अब आइए! विचार करते हैं कि किस राजनीतिक दल को कितनी सीटें मिलेंगी।
‘आम आदमी पार्टी’ को कुल ७० सीटों में से ६० से ६५ तक सीटें मिल सकती हैं। ‘भारतीय जनता पार्टी’ को अधिकतम १० सीटें और काँग्रेस को ५ सीटें मिल सकती हैं। ७० सीटें इन्हीं समीकरण के आस-पास घूमती दिख रही हैं।
ऐसे में, यह लगभग निश्चित हो चुका है कि दिल्लीवासी केजरीवाल को एक बार फिर से मुख्यमन्त्री के रूप में देखना चाहते हैं।
(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ६ जनवरी, २०२० ईसवी)