बदायूँ: बाढ़ की आंशकाओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने गंगा किनारे बसे उसावां ब्लाक के गांव कटरा सआदतगंज, जटा एवं भुण्डी का निरीक्षण कर सभी प्रकार की व्यवस्थाएं पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए हैं। नदी का तीव्र कटान होना शुरू हो गया है। सुरक्षित बाधों के पास गंगा का पानी पहुँचने लगा है। बाढ़ खण्ड विभाग द्वारा बांध की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कटान रोकने के लिए मिट्टी से भरे कट्टे नदी के किनारों पर डाले गए हैं।
गुरुवार को डीएम, एसएसपी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के साथ बाढ़ अशंका वाले ग्रामों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने निर्देश दिए कि बाढ़ से निपटने को पूरी तरह से तैयार रहें। बाढ़ आने पर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होना चाहिए, बचाव, राहत कार्य पूर्ण व्यवस्था पहले से कर लें। सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए गोताखोर, मल्लाहों एवं नाविकों, स्टीमर आदि की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। बाढ़ आने की स्थिति में सभी लोग सुरक्षित स्थान पर पहुँच जाए। बाढ़ के बाद संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण पीने के 20 लीटर पानी को उबालकर उसमें क्लोरीन की एक गोली डालकर आधे घंटे पेयजल के रूप में प्रयोग करें। घर व अपने आसपास साफ-सफाई रखें। ग्राम प्रधान का दायित्व है कि गांव में नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग कराएं। गांव में यदि कोई व्यक्ति बीमार होता है तो प्रधान, आंगनबाड़ी एवं आशा की जिम्मेदारी है कि उसे झोलाछाप डॉक्टर के पास न ले जाकर सीधे सामुदायिक अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल तथा मेडीकल कॉलेज में उसका उपचार कराएं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाढ़ आने से पूर्व ग्रामीण अपना कीमती सामान बांधकर रखें, जिससे बाढ़ आने पर सामान को उठाकर भागा जा सके। हमेशा शुद्ध पेयजल का ही प्रयोग करें, गंदे व दूषित पानी के प्रयोग से डायरिया होने का खतरा बना रहता है।