— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
अनामिका शुक्ला के नाम पर शिक्षाजगत् में की गयी अभूतपूर्व अँधेरगर्दी के बाद से रोज़ किसी-न-किसी छद्म शिक्षकों के चरित्रहीनता और कुकर्म सामने आ रहे हैं। उनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल हैं, जो राज उर्फ़ नीतू उर्फ़ पुष्पेन्द्र उर्फ़ गुरु जी कहलानेवाले चार सौ बीस व्यक्ति की कृपा से उत्तरप्रदेश के पचासों ज़िलों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ा रही हैं और उक्त घटना के बाद से इस्तीफ़ा देकर भाग रही हैं।

इसी क्रम में एक घटना प्रकाश में आयी है, जो मैनपुरी, उत्तरप्रदेश की है। यहाँ के करहल कस्बा-स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दीप्ति सिंह नाम की एक महिला पढ़ा रही थी; अनामिका शुक्ला-प्रकरण के सामने आते ही उसने अपना त्यागपत्र भेज दिया है। ऐसा इसलिए कि उसके समस्त शैक्षिक दस्तावेज़ फ़र्ज़ी हैं। उसके त्यागपत्र के बाद वहाँ का बेसिक शिक्षा विभाग अब सक्रिय हुआ है। विभाग की ओर से दीप्ति सिंह के नाम नोटिस जारी किया गया है; परन्तु वह धूर्त्त महिला अब ग़ायब हो गयी है। जाँच के लिए दो सदस्यीय एक समिति भी गठित कर दी गयी है। अब देखना है, क्या होता है?
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १३ जून, २०२० ईसवी)