ग्रामीणों ने जन सूचना अधिकार अधिनियम कानून 2005 के तहत उच्चाधिकारियों से पांच वर्षों का मांगा हिसाब
कौशाम्बी जनपद के विकास खण्ड मूरतगंज अन्तर्गत ग्राम सभा गौसपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दर्जनों आवास आवंटित किये गये हैं,जिसमें अधिकतर अपात्रों को आवास दिया गया है।

आपको बता दें कि कौशाम्बी जनपद के विकास खण्ड मूरतगंज अन्तर्गत ग्राम सभा गौसपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधिकतर अपात्रों को आवास दिया गया है,हद तो तब हो गई,जब पूर्व पंचवर्षीय में लाभार्थी पत्नी को आवास मिल चुका है,वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा पति को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है,ग्रामीणों की मानें तो सन् 2021 में अधिकतर उन्हीं लोगों को आवास दिया गया है,जिनका पहले से पक्का मकान बना है,भ्रष्ट जिम्मेदारों के समक्ष मवेशियों को बांधने व लकड़ी भूसा रखने आदि खपरैला,छप्पर के सामने अपात्रों द्वारा फोटो खिंचवा कर गरीबी का ढोंग रचकर अपना नाम पात्रों की श्रेणी में दर्ज करवा लेते हैं,साथ ही जांच के दौरान जिम्मेदारों से यह कहकर दरकिनार कर लिया जाता है कि इसमें मेरी बूढ़ी माँ, पिता,व बहु-बेटा आदि रहते हैं,एवं शासन द्वारा आईं अन्य योजनाओं में भी जमकर भ्रष्टाचारी की गई है,जो एक बड़ा सवाल है,ग्रामीणों कहना है कि शासन द्वारा निष्पक्ष जांच हुई तो,जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही होना तय है, वहीं लोगों की मानें तो वर्तमान समय में ग्राम प्रधान पति द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से 10000/रू0 से 25000/रू0 तक वसूला जा रहा है,ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से भ्रष्ट जिम्मेदारों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच कराये जाने की मांग की है।
मंझनपुर से विजय करन की रिपोर्ट