ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत चयनित 268 ग्रामों के ग्राम प्रधानों की एक दिवसीय संवेदीकरण बैठक का आयोजन रसखान प्रेक्षागृह में मुख्य अतिथि निदेशक पंचायती राज विभाग/ मिशन निदेशक आकाश दीप की एवं विशिष्ट अतिथि विशेष सचिव पंचायती राज विभाग प्रवीण कुमार लक्षकार की उपस्थित में किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रधानों को संबोधित करते हुए निदेशक पंचायतीराज ने कहा कि ग्राम प्रधान, गांव एवं ग्रामीणों के विकास की मुख्य कड़ी है और गांव के विकास में प्रधानों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होने कहा कि गांव में प्रधानमंत्री/इंदिरा आवास, शौचालय, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पेंशन आदि कार्यो की जिम्मेदारी प्रधान की होती हैं। उन्होने कहा कि गर्मी को देखते हुए गांव के हैण्ड पम्पों को प्राथमिकता पर ठीक कराया जाये और गांव के अन्तिम व्यक्ति एवं पात्र लोगों को ही शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए। निदेशक ने कहा कि ग्राम प्रधानों द्वारा अपने ग्राम पंचायतों की जो समस्यायें बतायी गयी हैं, संबंधित विभाग के अधिकारी प्राथमिकता पर इन्हें पूर्ण करायेगें।
बैठक को संबोधित करते हुए विषेष सचिव ने कहा कि गांव के विकास में आने वाले हर कार्य की जिम्मेदारी प्रधान की होती है और सभी कार्यो की धनराशि उन्हीं के खाते में दी जाती है इस लिए सभी प्रधान अपने ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त कराने का प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार ने कहा कि निदेशक महोदय द्वारा ग्राम प्रधानों को जो आश्वासन दिये गये है प्रधान उनका लाभ उठाये और अपनी ग्राम पंचायतों की योजनाएं दो दिन में बनाकर फीड करायें और तत्काल ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रारम्भ करायें।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि सहित मुख्य विकास अधिकारी एवं आये हुए प्रधानों का आभार व्यक्त किया और कहा कि सभी अधिकारी सरकार की योजनाओं को शतप्रतिशत पूर्ण करायें। इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीसी मनरेगा सहित खण्ड विकास अधिकारी एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान आदि मौजूद थे ।