होली मिलन समारोह के साथ आयोजित हुआ हास्य कवि सम्मेलन

कछौना (हरदोई) : कछौना कस्बे के पटेल सुमित्रा स्कूल में रविवार को होली मिलन समारोह और हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने कविताओं के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण पर रचनाओं के माध्यम से समां बांधा। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद अशोक रावत, सदस्य विधान परिषद अशोक अग्रवाल, पूर्व नगर प्रमुख प्रतिनिधि जगदीश गुप्ता ने मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया।

सांसद अशोक रावत ने अपने संबोधन में कहा कि होली पर्व एक दूसरे से हुए मतभेदों को भुलाकर गले मिलकर भाईचारे और एकजुटता का संदेश देता है। सदस्य विधान परिषद अशोक अग्रवाल ने कहा कि कछौना हमारी जन्मभूमि है। कछौना में युवा साथी व सामाजिक संगठन आगे आकर इस तरह से आयोजन कर रहे हैं, ऐसे लोग बधाई के पात्र हैं। आज की दुनिया में हर कोई कुंठा और तनाव से जूझ रहा है, दबाव में जी रहा है। सभी अपनी वर्तमान अवस्था से असंतुष्ट हैं। वर्तमान का आनंद नहीं उठा पा रहे हैं। होली उल्लास का त्यौहार है। प्रेम भाईचारा आपसी सौहार्द्र और मिलन के इस त्योहार पर लोग एक दूसरे के गले मिलकर अपनी सारी कटुता भूल जाते हैं। होली का पर्व मनाने पर जीवन यात्रा में एक नई ऊर्जा मिलती है। हमारे कदम उत्साह के साथ नई मंजिल की ओर चल पड़ते हैं और चलना ही जीवन है। एमएलसी उमेश द्विवेदी ने कार्यक्रम के समापन पर पहुंचकर कवियों को प्रशस्तिपत्र व स्मृतिचिह्न भेंटकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि होली अकेले नहीं सामूहिक रूप से मनाई जाती है। यह समूह के महत्व को बताती है। सामूहिकता से समाज सशक्त बनता है। एक सशक्त समाज ही सफल राष्ट्र की आधारशिला बनता है।

कवि सम्मेलन की शुरुआत मिश्रिख से पधारे गीतकार जगजीवन मिश्र की वाणी वंदना से हुई। युवा कवि अवलोक अवी की गजल ‘अरे तुम तो हिंदू मुस्लिम के सौदागर हो, मैं हिंदू मुस्लिम में हिंदुस्तान देखता हूँ’ को श्रोताओं ने खूब सराहा। लखीमपुर से आए कवि विशेष शर्मा ने ‘जिस बंदे को तुम इश्क़ का पैगाम लिख रहे हो, वह फेक आईडी है, बनाई हमीं ने’ कविता पढ़कर गुदगुदाया। कवयित्री स्वाति कुशवाहा ने ‘दूर तलक पहुंचेगी आवाज मेरी भी, अब तो प्रेम ही प्रेम के गीत सुनाएंगे’ गीत पढ़कर समा बांधा। हरदोई निवासी हास्य कवि अजीत शुक्ला ने ‘अधरों पर मुस्कान सजाने आए हैं, दिल के अरमान सुनाने आए हैं’ कविता पढ़कर खूब तालियां बटोरीं। जेबीगंज से आए कवि सुनीत बाजपेई ने कवि सम्मेलन का संचालन किया। उन्होंने ‘रहा गर ऐसा ही तो फिर सजेगी कैसे रंगोली, पड़ेंगे रंग सब फीके खत्म हो जाएगी होली’ गीत पर खूब तालियाँ बजवायीं। सीतापुर से आए कवि रजनीश मिश्रा ने देशभक्तिपरक रचना ‘भारत माता की जय’ पढ़ी तो श्रोता देशभक्ति में ओत-प्रोत हो गए। पत्रकार-कवि सुधीर गंगवार ने पहली बार मंच पर कविता पढ़कर अपने अंदर छिपी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी कविताओं को श्रोताओं ने खूब सराहा। शिक्षिका माधुरी रोली ने गीत प्रस्तुत किया ‘तुम्हारे हक़ में लिखने थे मुझे कुछ प्रीत के किस्से, जहां तुम जिंदगी बोओ यही तो हक में लिखना था तुम्हारे हक में।’

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख कुमार वीरेंद्र सिंह मलेहरा ने होली की कविता का पाठ कर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया एवं कवियों की हौसला अफजाई की। कार्यक्रम के आयोजक पत्रकार प्रवीण कुमार सिंह संदीप ने कवियों व अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम-आयोजन समिति के पदाधिकारी डॉ. आशीष कुमार, सत्येंद्र कुमार एडवोकेट, अनिल कुमार गुप्ता, अनूप कुमार सिंह, चंद्रभान, पी.डी. गुप्ता पत्रकार, श्याम प्रकाश, सोनू सक्सेना, शैलेंद्र कुमार, डी. पी. सिंह, सिमरन आदि ने अथक प्रयास कर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में श्रोतागण भी उपस्थित रहे।