● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
भारत के बेहद लचर बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी तथा क्षेत्ररक्षण के कारण न्यूज़ीलैण्ड के क्रिकेट-दल ने आज (२५ नवम्बर) न्यूज़ीलैण्ड के ऑकलैण्ड मे उसे ७ विकेटों से पराजित कर दिया है। आश्चर्य! कुल मिलाकर, लगभग १७ ओवरों मे भारत का एक भी रन नहीं बना था; कारण कि उसके बल्लेबाज़ों (ऋषभ पन्त और श्रेयस अय्यर) ने पचास प्रतिशत ‘डॉट गेंदें’ (बिना रन लिये) खेले थे। बड़े शॉट लगाने के चक्कर मे भारतीय बल्लेबाज़ गेंद तक पहुँच नहीं पा रहे थे। यह अलग विषय है कि कप्तान शिखर धवन और शुभमन गिल ने बल्लेबाज़ी करते हुए शतकीय आधार दे दिया था; ,परन्तु उसके बाद ऐसा लग रहा था, मानो भारतीय बल्लेबाज़ टेस्ट मैच खेल रहे हों। श्रेयस अय्यर ने धैर्यपूर्वक पारी खेली थी; परन्तु उनका लगातार ‘डॉट बॉल’ खेलते रहना, ख़तरनाक साबित हुआ। संजू सैम्सन ने तेज़ पारी खेलकर अपना आंशिक योगदान किया था। (यहाँ ‘दिया था’ अशुद्ध है।) इस प्रकार भारत ने ५० ओवरों मे ७ विकेटों पर सम्मानजनक ३०६ रन बना लिये थे, जो न्यूज़ीलैण्ड का सामना करने के लिए पर्याप्त थे।
न्यूज़ीलैण्ड के गेंदबाज़ों ने प्रभावपूर्ण गेंदबाज़ी करते हुए, भारतीय बल्लेबाज़ों को ३७ ओवरों तक बाँधे रखा था। सूर्यकुमार यादव एक चौक्का लगाने के बाद ऑफ-स्टम्प के बाहर जाते गेंद के साथ छेड़ख़ानी करते ही विकेटरक्षक-द्वारा धर लिये गये। युजवेन्द्र चहल और कप्तान शिखर धवन ने एक-एक कैच छोड़ा था। शार्दूल ठाकुर ने अपने आठवें ओवर मे छक्के-चौक्के लुटाकर न्यूज़ीलैण्ड की जीत का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। उसके बाद सभी भारतीय गेंदबाज़ों की न्यूज़ीलैण्ड के कप्तान विलियम्सन (अविजित ९४ रन) और लैथम (अविजित १४५ रन) ने ज़ोरदार धुनाई करते हुए, २२१ रनो की भागीदारी कर ली थी। दोनो की सूझ-बूझ की पारी ने अन्तत:, भारत को पराजय के द्वार के भीतर धकेल (‘ढकेल’ अशुद्ध शब्द है।) दिया है। न्यूज़ीलैण्ड ने ४७.३ ओवरों मे ३ विकेटों पर ३०९ बनाकर बेहद लचर भारतीय गेंदबाज़ी की कलई खोलकर रख दी है।
भारत की इस शर्मनाक पराजय के पीछे केवल पाँच गेंदबाज़ों को खिलाया जाना और सही लम्बाई की गेंद, यॉर्कर, स्विंग, इन-कटर, आउट-कटर, बारीक़ स्पिन का न होना, लगातार विफलता का कलंक ढोनेवाले ऋषभ पन्त को अवसर देते रहना, भारतीय बल्लेबाज़ों मे धैर्य और सूझ-बूझ की कमी दिखना; लगातार ‘डॉट बॉल’ खेलना, चहल-द्वारा आसान कैच का छोड़ना और धवन-द्वारा भी नीचे के कैच को छोड़ना आदिक हैं।
शिखर धवन को इस लज्जाजनक हार की ज़िम्मादारी (‘ज़िम्मेदारी’ अशुद्ध है।) लेनी होगी और चयनकर्त्ताओं को भी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष २०१९ की विश्व कप क्रिकेट-प्रतियोगिता के बाद से एकदिवसीय अन्तरराष्ट्रीय मैच मे न्यूज़ीलैण्ड के हाथों भारत की लगातार पाँचवीं पराजय है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २५ नवम्बर, २०२२ ईसवी।)