शिक्षकों से अन्याय अब बर्दाश्त से बाहर, पानी नाक से ऊपर : सुनीता त्यागी

प्रान्तीय नेतृत्व के निर्देश पर 31 जनवरी को सुबह 11 बजे शिक्षक ज़िला मुख्यालय पर जुटेंगे, सीएम के नाम डीएम को देंगे ज्ञापन

                 जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सुनीता त्यागी ने कहा कि पुरानी पेंशन और 17,140 व 18,150 वेतनमान के लिए संघ आर-पार का संघर्ष करेगा। प्रान्तीय नेतृत्व के निर्देश पर 31 जनवरी को सुबह 11 बजे शिक्षक ज़िला मुख्यालय पर जुटेंगे। मुख्यमन्त्री को सम्बोधित ज्ञापन बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी को दिया जाएगा।
               जिलाध्यक्ष ने शेखर कॉलोनी स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में आन्दोलन की रूपरेखा बताई। कहा, मृतक आश्रितों की नियुक्ति का मामला भी संघ की मांगों में प्रमुखता से है। मांग है कि मृतक आश्रितों को विभागीय प्रशिक्षण देकर शिक्षक के पद पर ही नियुक्ति की जाए। जो मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर पद पर कार्यरत हैं, उन्हें उनकी योग्यतानुसार नियुक्ति दी जाए। श्रीमती त्यागी ने बेसिक शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा और विधान परिषद के लिए होने वाले खण्ड शिक्षक निर्वाचन में बेसिक शिक्षकों को मताधिकार दिए जाने की मांग की। कहा, शिक्षकों के हक़ की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी।
             वार्ता में मौजूद मुख्य अतिथि संघ प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा कि 31 को प्रदेशव्यापी ज़िला स्तरीय मूवमेन्ट से बात नहीं बनती है तो प्रदेश भर से लाखों शिक्षक 05 अप्रैल को विधानसभा घेराव को लखनऊ कूच करेंगे। फिर भी संघ की मांगों पर सकारात्मक परिणाम नहीं मिला तो 27 अप्रैल को दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर लाखों शिक्षक हुंकार भरने के साथ संसद का घेराव करेंगे। कहा, पुरानी पेंशन बहाली की मांग को राष्ट्रीय मुद्दा बनाए जाने की ओर रेल यूनियन के आला पदाधिकारियों से बात चल रही है और इस मुद्दे पर एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।
             प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 2019 के लोकसभा चुनाव से पूर्व पुरानी पेंशन सहित अन्य मांगों को स्वीकार करने के लिए सत्ता प्रतिष्ठान को बाध्य किया जाएगा। त्यागी ने अन्य संगठनों से पुरानी पेंशन के मुद्दे पर एक मंच पर आने की अपील की। वार्ता के दौरान संघ जिला महामन्त्री संतोष अग्निहोत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरज अस्थाना, कोषाध्यक्ष उदय मिश्रा, उपाध्यक्ष ललित शुक्ला व डॉ0 पंकज वर्मा, संयुक्त मन्त्री मंजू वर्मा, मण्डल उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, अजय दीक्षित, राहुल वर्मा, राघवेन्द्र पाण्डेय, शैलेन्द्र सोनी और विभोर कपूर आदि मौजूद रहे।