इं० शितांशु त्रिपाठी
●क्यों नहीं लिखता मैं?●
क्यों नहीं लिखता मैं अब, अरे मेरे लिखने का फायदा क्या है ?
पढ़ कर तुम भूल जाओगे मेरे लफ्ज़, इनकी इज्ज़त इससे ज्यादा क्या है ?
बलात्कार, अत्याचार, नफ़रत से भरा ये शहर हिंदुस्तान है अगर
तो मुझे ये बताओ कि ये उग्रवादी संगठन अलकायदा क्या है ?
जातिवाद, धर्मवाद, अश्लीलता के सिवा यहां कुछ नहीं दिख रहा
तुम रोज सुबह अखबार पढ़ रहे हो दोस्त, ये बताओ तुम्हारा इरादा क्या है ?
अरे क़ानून, क़लम, नियम, सब कुछ तो यहाँ ख़रीद रखा है अमीरों ने
आम आदमी इंसाफ़ के लिए कोर्ट-कचहरी पर दस्तक तो दे, पर उसका फायदा क्या है ?
ये किसान भी नासमझ, मूर्ख, अपनी मांगों को लेके धरने पर बैठा है
तुम बताओ तुम्हारे पास झूठे वादे और तानाशाही रवैए से ज्यादा क्या है ?
क्यो नहीं लिखता मैं अब, अरे मेरे लिखने का फायदा क्या है ?
पढ़ कर तुम भूल जाओगे मेरे लफ्ज़, इनकी इज्ज़त इससे ज्यादा क्या है ?