राजेश पुरोहित (भवानीमंडी)-
लगातार तीन वर्षों से साहित्य संगम संस्थान के सदस्य एवं पदाधिकारी रूप में साहित्य सेवा और साहित्य निष्ठा देखते हुए साहित्य संगम संस्थान ने कवयित्री कुमुद श्रीवास्तव वर्मा कुमुदिनी को संस्थान के श्रेष्ठ सम्मान “भारत -भारती” सम्मान से विभूषित किया|
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मन्त्र जी ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डा०राजेश पुरोहित को बताया कि लखनऊ की कवयित्री कुमुद श्रीवास्तव जी साहित्य संगम संस्थान में नारी मंच, व्याकरणशाला एवं अलंकरण विभाग की जिम्मेदारी और फेसबुक के कई मंचों की जिम्मेदारी वहन कर अपना कार्य बेहतर ढंग से कर रही हैं । इनके कार्यकाल में संस्थान में प्रमाण पत्र का क्रमांक जारी करने का आंकड़ा 16,000 पार कर गया है| जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है| संस्थान इन्हें सम्मानित कर गौरव महसूस कर रहा है|
अध्यक्ष ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि डॉ कुमुद श्रीवास्तव कुमुदिनी जी लखनऊ की एक कुशल गृहिणी हैं । साहित्य संगम संस्थान के संपर्क में आकर आपने साहित्य सेवा आरंभ की । आपकी सहृदयता और सहिष्णुता से संपूर्ण संस्थान प्रभावित है । आप गद्य इतने अच्छे लिखती हैं कि मैं इन्हें गद्य गोविन्दे कहता हूँ । संस्थान में आप कई विभागों में निस्वार्थ भाव से लगभग तीन वर्षों से सेवा कर रही हैं और तमाम सम्मान आपको मिल चुके हैं। आप व्याकरणशाला साहित्य संगम संस्थान की मॉनीटर हैं। गुरुदी की अनुपस्थिति में आप कक्षा संचालन का भी दायित्व संभालती हैं। आप सभी को जानकारी होनी चाहिए कि साहित्य संगम संस्थान के जितने भी प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं उनमें जो प्रमाणपत्र संख्या अंकित रहती है वह इनके द्वारा ही प्रदान की जाती है और उसका समस्त प्रबंधन ये स्वत: अपनी इच्छा से लगभग दो वर्षों से करती आ रही हैं । साहित्य सेवा के ये समस्त कार्य ये अपना परिवार चलाते हुए करती हैं। अत्यंत प्रभावशाली बात ये है कि कई बार भावावेश में इन्हें कुछ कह देने से बड़े प्यार से हँसकर टाल देती हैं । आ० कुमुद दी को भारत भारती सम्मान से सम्मानित करते हुए परम प्रसन्नता महसूस कर रहा हूँ।