बस मालिकों के सामने जीविकोपार्जन, टैक्स, बीमा व बसों की किस्त देने का आर्थिक संकट

कछौना (हरदोई) : कोरोना महामारी में लॉकडाउन के चलते लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। लोग को अपने परिवार का जीविकोपार्जन में काफी असुविधा होती है।

लॉकडाउन में शादी समारोह में 25 लोगों को सम्मिलित होने के निर्देश पर बरात ले जाने हेतु बसों को न जाने के कारण व यात्रियों को बराबर आने जाने में काफी कमी व तीर्थ यात्रा पर भी लोग नहीं जा रहे हैं, जिसके कारण बस मालिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बसों के पहिए थम गए हैं, लेकिन बस मालिकों को प्रतिमाह टैक्स देना पड़ रहा है। बसों के बीमा की किस्ते देनी पड़ रही है। अधिकांश बसें फाइनेंस पर ली गई हैं। जिनकी किस्ते बस मालिक नहीं दे पा रहे हैं। बैंक की किस्त लेने हेतु बैंक कर्मी बस मालिकों का घेराव कर रहे हैं। बस मालिक धीरेंद्र कुमार गुप्ता उर्फ झल्लू, अरुण कुमार, अंजनी सिंह ने सरकार से मांग की है। बस मालिकों की उक्त समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राहत दें। जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता