श्री रामचरितमानस जाति, वर्ग, सम्प्रदाय से ऊपर उठकर मानवता का पोषण करता है– डॉ० नीलम जैन
‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे ‘सारस्वत सदन’, प्रयागराज मे १० अगस्त को ‘श्री रामचरितमानस की सार्वकालिक प्रासंगिकता’ विषय पर एक अन्तरराष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे देश-विदेश के चिन्तकोँ-विचारकोँ की सहभागिता रही। […]