सच तो यह है कि हमलोग आचार्य द्विवेदी को भूलते जा रहे हैं– शिल्पा मेघना

December 20, 2023 0

आचार्य द्विवेदी की पचासीवीं पुण्यतिथि पर स्मृतिसभा का आयोजन ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे ‘सारस्वत सदन’, अलोपीबाग़, प्रयागराज से ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की पचासीवीं पुण्यतिथि की पूर्व-संध्या मे ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के भाषाप्रयोग का […]

‘सर्जनपीठ’ का आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी-विषयक बौद्धिक परिसंवाद १५ मई को

May 12, 2022 0

द्विवेदी-युग के प्रवर्तक ‘आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि (१५ मई) के अवसर पर ‘सर्जनपीठ’ की ओर से ‘आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी की समग्र सारस्वत यात्रा की प्रासंगिकता’-विषयक एक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन १५ मई (रविवार) को […]

आचार्य जी ने हिन्दी-भाषा का बहुविध परिष्कार किया था

May 10, 2021 0

आज भाषा-प्रबन्धन के निष्णात हस्ताक्षर आचार्य पण्डित महावीर प्रसाद द्विवेदी जी की जन्मतिथि (९ मई, १८६४ ई०) है। आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी कवि, आलोचक, निबन्धकार, समर्थ सम्पादक तथा निजी सूझ-बूझ […]

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद

December 21, 2020 0

आचार्य पं० महावीर प्रसाद द्विवेदी हिन्दी-आलोचना के प्रथम प्रणेता थे । बौद्धिक, शैक्षिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक मंच ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में द्विवेदी-युग के प्रवर्तक आचार्य पं० महावीर प्रसाद द्विवेदी की निधनतिथि २१ दिसम्बर के अवसर […]

आज (९ मई) पण्डित महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि

May 9, 2020 0

जन्मतिथि– ९ मई, १८६४ ईसवी; मृत्युतिथि– २१ दिसम्बर, १९३८ ईसवी हिन्दी को अनुशासन की छड़ी से शुद्ध बनानेवाले आचार्य द्विवेदी जी संयोजक और समन्वयक– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद् और समीक्षक) दशकों से संस्कृत, हिन्दी, बांग्ला, […]

‘ऑन-लाइन’ सारस्वत आयोजन ९ मई को

May 8, 2020 0

प्रतिष्ठित बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा सामाजिक मंच ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान में हिन्दीसाहित्य के प्रखर हस्ताक्षर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी की जन्मतिथि ९ मई के अवसर पर कल एक ‘ऑन-लाइन’ परिसंवाद का आयोजन किया […]

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ‘हिन्दी हैं हम’ के कुशल प्रवक्ता थे : डॉ० पृथ्वी नाथ पाण्डेय

December 22, 2018 0

●आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का पुण्यतिथि-समारोह सम्पन्न “भाषा की दृष्टि से आचार्य द्विवेदी एक विलक्षण साधक थे। वे सरल और सुबोध भाषा के पक्षधर थे। गूढ़ विषयों के निदर्शन में उनकी भाषा संयत और आचार्यत्व […]