कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

71 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसता ग्रामसभा लोन्हारा का कुड़री गाँव

कछौना(हरदोई): सरकार गाँव-गाँव सड़क व संपर्क मार्ग पर गड्ढा मुक्त सड़को का ढिंढोरा पीट रही है वहीं दर्जनों गांव ऐसे हैं जहाँ पर जाने के लिए कोई सम्पर्क मार्ग ही नहीं है। ऐसा ही एक गांव प्रकाश में आया है।

विकास खण्ड कछौना की ग्रामसभा लोन्हारा का उप गाँव कुड़री है। जिसकी आबादी लगभग 300 है। पूरा गाँव दलित बाहुल्य है। गाँव में आज भी मूलभूत सुविधाओं से ग्रामीण महरूम हैं। गाँव मे कार्यदाई संस्था द्वारा एक वर्ष पूर्व विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो गया लेकिन कार्यदाई संस्था व विद्युत विभाग की लचर कार्यशैली के चलते विद्युत आपूर्ति चालू नहीं हो सकी। जिससे ग्रामीण अंधेरे में जीने को विवश हैं। गाँव की सबसे जटिल समस्या गाँव से नैरा, सैदूपुर, रैसों व लखनऊ-हरदोई मार्ग को जाने वालों के लिए संपर्क मार्ग कच्चा व पूरी तरह से खराब हो गया है। गड्डे तालाब का रूप धारण कर चुके हैं। जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। गाँव में स्वस्थ सेवाओं के लिए एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाती। किसी मरीज व गर्भवती महिला को प्रसव के लिए ग्राम लोन्हारा की तरफ से काफी दूरी तय करके जाना पड़ता है। इस संपर्क मार्ग के कटान के कारण तालाब से जल भराव से निकलते समय गाँव के एक बच्चा शिवम 7 वर्ष की डूबने से मृत्यू हो चुकी है उसके बाद भी कोई जनप्रतिनिधि या प्रशासन नहीं चेता। ग्रामीणों को गरीबी, अशिक्षा की सजा मिल रही है वहीं नौनिहाल बच्चों का शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। आजादी के 71 वर्ष बाद भी इस गांव की दुर्दशा देखकर जनप्रतिनिधियों को शर्म नहीं आती है। ग्रामीण रमेश, सतीश, राजेन्द्र, नागेंद्र, रतनलाल, धर्मेंद्र, व अन्य ग्रामवासी आदि जनप्रतिनिधियों व प्रसाशन की अनदेखी से काफी गुस्सा हैं।

इस मार्ग की दुर्दशा के बारे में ग्राम प्रधान कृष्णकांत सिंह ने बताया कि जनप्रतिनिधियों को दर्जनों बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया परन्तु किसी ने इस गंभीर समस्या की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा।


रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता