‘अमर उजाला उड़ान’ के ‘मार्गदर्शन’ में कल (९ जून)

कल (९ जून) बुद्धवार रहेगा और आप कल की ‘अमर उजाला उड़ान’ पत्रिका में हमारे साप्ताहिक स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ के अन्तर्गत ‘प्रेरणाप्रद विचार’– ‘ज़िन्दगी की किताब पढ़ना सीखें’ का अनुशीलन करेंगे।

सच, मनुष्य वेद-वेदान्त तथा अन्य धर्मशास्त्रों की बातें करता है; उन्हें पढ़ता है; बढ़-चढ़कर व्याख्यान भी करता है। (‘व्याख्यान देना’ अशुद्ध प्रयोग है।); परन्तु खेद है! उस किताब को पढ़ने से बचता-बचाता है, जो उसे जीने की व्यावहारिक कला सिखाती है। मेरा संकेत ‘ज़िन्दगी की किताब’ से है।

आप कल ‘अमर उजाला-परिवार’ की ऊर्जा से भरपूर पथप्रदर्शक प्रस्तुति के साथ स्वयं को सम्बद्ध करें और ज़िन्दगी की किताब का आपके लिए कितनी उपयोगिता और महत्ता है; आप आप उसे कैसे आत्मसात कर सकते हैं, इसकी कला विकसित करें।