निर्देश– एक शब्द मे प्रयुक्त अक्षरों की सहायता से सार्थक शब्द बनायें (‘बनाएँ’ अशुद्ध है।) और उसका अर्थ भी बतायें—
जैसे— आराधना = पूजा-अर्चना-उपासना।
आराधना मे चार अक्षर हैं। इस शब्द के अन्तर्गत इन्हीं चार अक्षरों की सीमा मे रहते हुए, आपको सार्थक शब्द-सर्जन करने हैं। यहाँ आपकी सहायता के लिए एक शब्द दिया गया है। उस शब्द के अन्तर्गत प्रयुक्त अक्षरों से सार्थक शब्दसर्जन किये गये हैं। आप इसे समझें नीचे दिये हुए ‘पराक्रम’ शब्द को ‘आराधना’ की ही भाँति उसमे प्रयुक्त अक्षरों के योग से सार्थक शब्दों का गठन करते हुए, प्रत्येक शब्द का अर्थ भी लिखें।
आराधना– १- आरा = लकड़ी चीरने का यन्त्र २- राध = मवाद ३- धना = युवती, वधू ४- आध = आधा ५- आना = एक रुपये का सोलहवाँ भाग ६- राना = राणा का तद्भव शब्द ७- नारा = उद्घोष, कमरबन्द ८- धरा = पृथ्वी ९- नाध = सम्बद्ध करो (देशज शब्द ) १०- राधना (ग्राम्य-प्रयोग का शब्द) = आराधना
इस प्रकार हमे ‘आराधना’ के अन्तर्गत कुल दस सार्थक शब्द प्राप्त हुए हैं।
अब प्रश्न :–
‘पराक्रम’ मे कितने सार्थक शब्द हैं ? उन्हें उपर्युक्त ढंग से अलग-अलग कर लिखें और अर्थ भी बतायें–
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ८ मई, २०२२ ईसवी।)