पाल – पाल मैं बनूंगा तेरा काल को चरितार्थ करते इंजीनियर बेटे ने बाप को समान सहित घर से बाहर फेंका 

पुलिस अधिकारी को अपनी बेबसी सुना कर रो पड़ा इंजीनियर का पिता, एएसपी से पिता ने कहा कि ऐसी जिंदगी से मरना बेहतर

“पाल – पाल मैं बनूंगा तेरा काल” को चरितार्थ करती हुुुई एक हृृृृदयविदारक घटना हरदोई मेें उस समय सामने आयी जब अपने ससुरालियों के कहने पर इंजीनियर बेटे ने पिता को सामान सहित घर से बाहर सड़क पर कूड़े की तरह फेंक दिया ।
पत्नी के मरने के बाद एक पिता ने बच्चों की खातिर सिर्फ इसलिए पीएसी की नौकरी से रिटायरमेन्ट ले लिया था ताकि बच्चों की परवरिश में कोई कमी न रह जाए । उसने शादी भी इसलिए नही की कि कहीं उसका बच्चों के प्रति प्यार कम न हो जाये । पर उसे क्या पता था कि जिस बच्चे को महंगी शिक्षा दे कर वो आगे बढ़ा रहा है वही एक दिन सहारा बनने के बजाए उसे बेसहारा कर देगा । ये कोई कहानी नहीं बल्कि हरदोई के एक ऐसे पीड़ित की ज़़ु़ु़ु़ुबानी है जो पुलिस अधिकारी को अपने इंजीनियर बेटे की करतूत बता कर रो रहा था । उसके बेटे ने उसको सामान सहित घर से बाहर फेंक दिया । बेबस पिता अब घर के सामने बैठ कर प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहा है।
मामला हरदोई के थाना देहात कोतवाली के एक मोहल्ले का है जहाँ एक पीएसी के रिटायर्ड दारोगा बृजेन्द्र शुक्ला रहते है । फिल्म के गानेतुझे सूरज कहूँ या चंदा तुझे दीप कहूँ या तारा मेरा नाम करेगा रोशन जग में मेरा राज दुलारा” को गाकर उन्होंने अपने बेटे अतुल शुक्ल को पाल-पोस कर बड़ा किया और इंजीनियर बनाया। उसका ख़्वाब था कि जब वह बूढ़ा हो जाएगा तो बेटा उसका हाथ पकड़कर चलेगा लेकिन हुआ उसकी सोच से बिल्कुल उलट। जिसको इन्होंने कड़ी मेहनत कर इसलिए पढ़ाया कि वो इनकी बुढ़ापे में सेवा करेगा । पर यहां उल्टा हो गया बेटे ने बाप के सिर से चंद मिनटों में छत छीन ली और सामान सड़क पर फेंक दिया।
इंजीनियर बेटे अतुल शुक्ल की जैसे ही शादी हुई उसे ससुराल से ज्यादा प्यार हुआ और सब कुछ कुर्बान करने वाला पिता दुश्मन लगने लगा । उसने ससुरालियों के कहने पर उसको घर से बाहर फेंक दिया । अब बेसहारा बाप आखिर जाए तो कहाँ जाए । बाप ने भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी फरियाद लेेेकर आला अधिकारियों के पास जा पहुंचा क्योंकि अब जिंदगी में उसके कुछ बचा नहीं । एक बेटा बड़ा है जो दिल्ली मेें पीसीएस की तैयारी कर रहा है । अब बेटे की पढ़ाई का बोझ और इंजीनियर बेटे की ऐसी करतूत ने बूूढ़े पिता को बेेेसहारा कर दिया है । पीड़ित अधिकारियों को आपबीती बताकर रोने लगा । एसपी सिटी ज्ञानंजय सिंह ने कार्यवाही का भरोसा दिया है।