बालामऊ के जागरूक युवाओं ने आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के घर जाकर उन्हें दिया दिवाली का उपहार

आदित्य त्रिपाठी (प्रबन्ध निदेशक/सम्पादक)-

आदित्य त्रिपाठी (प्रबन्ध निदेशक/सम्पादक)

कहते हैं जिनका कोई नहीं होता उनका भगवान होता है और भगवान गरीब और बेहसारा लोगों की किसी न किसी बहाने सुध ले ही लेते हैं । ऐसा करने वह स्वयं नहीं आते अपितु ऐसा करती हैं उनकी सच्ची और अच्छी सन्तानें ।

उपहार देते युवा समाजसेवी

ईश्वर की ऐसी ही कुछ नेक सन्तानों ने उत्तरप्रदेश के जनपद हरदोई के ग्राम बालामऊ में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के घर जाकर उन्हें दिवाली का उपहार दिया ताकि गरीबों के घर में भी दिवाली के दिन खुशियों का प्रकाश हो । बताते चलें कि ग्राम बालामऊ व बाण के कुछ नवयुवकों ने इस दिवाली से कुछ नया करने की सोची और उन्होंने इसकी शुरुआत इस पुनीत कार्य से की । आशीष, सुधांशु, प्रीतेश, अंकित शुक्ल, सत्यम त्रिवेदी, स्वतंत्र कुमार, धर्मेन्द्र, सरताज, इरफान आदि नवयुवक दीपावलि की खुशियाँ बाँटने अवधेश, स्व. श्रीकृष्ण रैदास, पंचम आदि के घर पहुँचे जिससे उन गरीबों के मुरझाए चेहरे खिल उठे और मुक्त कण्ठ से सहस्रों आशीषें दीं ।

दीपावली का उपहार भेंट करते अंकित, आशीष, सुधांशु और प्रीतेश

प्रीतेश, अंकित, सुधांशु, आशीष आदि से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह सब अभी पढ़ाई कर रहे हैं और यह उपहार उन्होंने अपने जेबखर्च की बचत करके खरीदे हैं । आगे पूछने पर उन लोगों ने बताया कि ऐसा करने से उन्हें आत्मिक प्रसन्नता होती है । अपनी खुशियों में कटौती करके दूसरों के जीवन को खुशियों से जगमग करना बड़ी बात होती है चाहे उसकी शुरुआत छोटे स्तर से ही हो । indianvoice24.com परिवार इन नवयुवकों को सैल्यूट करता है ।