कछौना(हरदोई): उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में बालामऊ विधानसभा में लगभग 58 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदाताओं ने काफी जोश और उत्साह के साथ मतदान किया। सख्त प्रशासन के चलते शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हुआ जिसमें युवा, बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लाइन लगना शुरू हो गई थी।
प्रशासन की सख्ती के चलते मतदाताओं को केंद्र के अंदर मोबाइल लेकर जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित था। मोबाइल फोन बाहर ही रखवा दिए थे जिससे आदर्श मतदान केंद्रों पर लगे सेल्फी प्वाइंट पर फोटो खिचाने में मतदाता वंचित रहे। मतदान केंद्रों पर कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर कोविड-19 हेल्प डेस्क स्थापित की गई थी जिन पर स्वास्थ्य कर्मी एएनम, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री मतदाताओं के हाथों को सैनिटाइज किया व तापमान चेक किया। जिन मतदाताओं के पास मास्क नहीं था उनको मास्क निश्शुल्क उपलब्ध कराया गया। साथ में ग्लव्ज भी दिए गए। इस व्यवस्था की मतदाताओं ने सराहना की।
ग्राम पंचायत मरेउरा में कुल मतदाता 1102 में से 702 मतदाताओं ने मतदान किया जिसमें 379 पुरुष एवं 323 महिलाओं ने मतदान में भागीदारी दिखाई। वहीं जिले के सबसे ज्यादा साक्षर गाँवों में शुमार बालामऊ में 54 प्रतिशत लोग ने ही मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान केंद्रों पर मतदाता कर्मियों को परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों ने ताजा पौष्टिक खाना उपलब्ध कराया जिससे मतदान कर्मी घर जैसा भोजन पाकर काफी खुश हुए। मतदान केंद्रों पर जनसेवा केंद्रों के संचालकों के द्वारा वेबकास्टिंग का संचालन किया गया जिससे मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा व सीधा प्रसारण की व्यवस्था मुहैया कराई गई। अधिकांश मतदान केंद्र पर लोगों ने शिकायत की कि मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है जबकि पूर्व विधानसभा व ग्राम पंचायत की सूची में नाम थे और लोगों ने मतदान भी किया था परंतु वर्तमान विधानसभा सूची में नाम न होने से मतदान न कर पाने को लेकर उनमें काफी आक्रोश था।
मतदाताओं ने बेहतर विद्युतीकरण, बेहतर राशन व्यवस्था, कानून व्यवस्था राष्ट्रवाद, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि आदि से प्रेरित होकर मतदान किया वहीं काफी मतदाताओं में छुट्टा जानवर की समस्या, महंगाई, सड़कों की जर्जर हालत, कोरोना की दूसरी लहर में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था व पलायन को लेकर काफी गुस्सा दिखा। मतदान केंद्रों पर पंचायत सहायक, बीएलओ कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। बालामऊ विधानसभा के 9 प्रत्याशियों का तकदीर ईवीएम में कैद हो गया। इन प्रत्याशियों की तकदीर का फैसला 10 मार्च को होगा। मतदाताओं के रुझान से बालामऊ विधानसभा का चुनाव त्रिकोणीय भाजपा, सपा व बसपा के बीच कड़ा मुकाबला है। मतदान केंद्रों पर युवा मतदाताओं के साथ बुजुर्ग व दिव्यांगों ने भी बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता