बड़े अहंकारी या व्यस्त
ज़िन्दगी के ताने-बाने हैं।
ये हकीकत हैं
या एकांतवास जीने की
हठी आकांक्षा
दायरे के परिधी में कौन हैं ?
सुलझा रहे ज़िन्दगी की
मौन चेष्टा!
आदि से उपजी अंत चेतना
चिंता के मूल में।
आकांक्षा मिश्रा
बड़े अहंकारी या व्यस्त
ज़िन्दगी के ताने-बाने हैं।
ये हकीकत हैं
या एकांतवास जीने की
हठी आकांक्षा
दायरे के परिधी में कौन हैं ?
सुलझा रहे ज़िन्दगी की
मौन चेष्टा!
आदि से उपजी अंत चेतना
चिंता के मूल में।
आकांक्षा मिश्रा