नीना अन्दोत्रा पठानिया (कहानीकार)-
“माँ-माँ आज हमारे मुहल्ले में इतनी ज्यादा भीड़ क्यों लगी हुई है , बारह वर्षीय नेहा ने उत्सुकता से अपनी माँ से पूछा । माँ ने कहा “बेटा आज हमारे नेता जी हमारे मुह्ल्ले की सफाई करवा रहे है। “क्यों माँ आज ही क्यों इतने वर्षों से क्यों नही ,इतनी बरसात हुई और रास्ते कचरे से बंद हो गये थे, तब नेता जी क्यों नहीं आये। माँ को मुस्कराहट में जवाब देते देख नेहा बाहर भीड़ में चली गई ।। यहाँ सब ज़ोर-शोर से सफाई अभियान चला रहे थे। नेहा उत्सुकता से देख रही थी अचानक किसी की आवाज़ से उसका ध्यान भंग हुआ । लोग इतनी गन्दगी में रहते कैसे है , अब सफाई करवाने में तो हमें तकलीफ है न। तभी सफेद पोशाक पहने नेता जी बोले “कोई बात नहीं भाई यह काम होने दो बस ,यही भविष्य में काम आयगा । पास खेलती नेहा बोल पड़ी “नेता जी आज ही सफाई अभियान क्यों इतने वर्षो से क्यों नही । छोटी सी बच्ची के मुंह से इतनी बड़ी बात सुनकर मंत्री जी अवाक् रह गए ।