साईं बैंकिंग कम्पनी के नाम पर ठगी, जमाकर्ताओं का नहीं हुआ धन वापस

Corruption Feature IV24

रैकेट के सदस्यों द्वारा गरीब जनता का धन लूटने के लिए कंपनियों का लिया जाता है सहारा

कौशांबी : जनपद मुख्यालय मंझनपुर के कुछ लोगों ने साईं प्रसाद प्रोप्राइट्स लिमिटेड बैंकिंग कम्पनी में शामिल हो कर उक्त कम्पनी की आड़ में गरीब कमजोर निर्बल लोगों का मासिक वार्षिक और फिक्स डिपाजिट के नाम पर धन जमा कराया था कंपनी में हजारों लोगों ने धन जमा किया इसी बीच अचानक कंपनी के कार्यालय में ताला बंद हो गया वह कंपनी रातों-रात भाग गई ।

कंपनी के भाग जाने के बाद भी कंपनी में काम करने वाले एजेंटों सदस्यों ने जमा कर्ताओं से धन वसूली जारी रखी और कंपनी के भागने के पहले ही कंपनी के रसीद को हेराफेरी कर अपने कब्जे में ले लिया था और जमा कर्ताओं से धन जमा कराने पर उन्हें रिसीविंग देते रहे कंपनी भाग जाने के बाद जमा कर्ताओं ने एजेंटों से अपना बकाया रकम मांगना शुरू किया लेकिन कंपनी के एजेंटों ने ना तो कंपनी के मालिक और जिम्मेदारों को पत्र लिखकर जमा कर्ताओं के धन वापस कराने का प्रयास किया है और ना ही खुद रकम वापस देने की कोशिश की है फटीचर से दिखने वाले एजेंट कुछ वर्षों में धन्ना सेठ बन गए हैं। बहुमंजिला घरों के मालिक बने इन एजेंटों ने साईं प्रसाद कंपनी में जरूर धोखाधड़ी की होगी जिससे कंपनी को मुख्यालय छोड़कर भागना पड़ा और जमा कर्ताओं का करोड़ों रुपया डूबता नजर आ रहा है।

इसके पहले भी जनपद से रोज वैली आसमा कंपनी विजर्ड ग्रुप कुबेर फाइनेंस पल्स कम्पनी पीएसीएल सहित तमाम कंपनियां जनता का जमा धन लेकर फरार हो चुकी है बैंकिंग कंपनी में कम समय में धन दुगना करने का झांसा देकर गरीबों का धन लूटा जा रहा है और कंपनी के आड़ में उनके एजेंट मालामाल हो रहे हैं विभिन्न कंपनियों के एजेंट घूम फिर कर वहीं लोग होते हैं यह कहा जाए कि रैकेट के सदस्यों द्वारा गरीब जनता का धन लूटने के लिए कंपनियों का सहारा लिया जाता है।

मंझनपुर के नवनीत कुमार पुत्र अमरनाथ ने भी साईं प्रसाद कंपनी में धन जमा कर रखा है लेकिन जहां उसका जमा धन वापस नहीं मिल सका वही उसके साथ एजेंटों द्वारा अभद्रता भी की जा रही है मामले की पूर्व में उसने पुलिस अधीक्षक से शिकायत भी की थी जिसके नाम पर यह कहा गया कि उसका धन वापस कर दिया जाएगा लेकिन वर्षो बीत जाने के बाद भी एजेंटों ने उसका धन वापस नहीं दिया है साईं प्रसाद कंपनी के एजेंटों के कारनामों पर अधिकारियों ने जांच कराई तो एजेंटों के गोरखधंधे का खुलासा होगा।