निदेशक सूडा, श्री देवन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि कड़ाके सर्दी से बचाव के लिए स्थापित किये गये आश्रय गृहों में 18 दिसम्बर, 2017 से 08 जनवरी, 2018 के मध्य कुल 348 शेल्टर होम (आश्रय गृह) में कुल 27781 शहरी गरीबों ने निवास किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में समस्त सुविधाओं युक्त शेल्टर होम का संचालन किया जा रहा है जिससे कि पूरे प्रदेश में कोई भी शहरी गरीब सड़क पर/फुटपाथ पर या अन्य किसी खुले स्थान पर सोने पर मजबूर न हो।
श्री पाण्डेय ने बताया कि जनपद-लखनऊ के अंतर्गत 08 जनवरी, 2018 को पल्टन छावनी में 38, लक्ष्मण मेला मैदान में 11, जियामऊ में 64, गीतापल्ली में 11, सआदतगंज में 26, तेलीबाग में 10, नवीउल्लहा रोड सूरजकुण्ड में 11, रामलीला मैदान में 32, देवारोड नहर पुलिया में 8, भारतेन्दु हरिशचन्द्र ताड़ीखाना पल्टन छावनी में 21, जानकीपुरम में 27, मिल रोड में 2, करेटा में 2, चकबस्त रोड में 14, अमीनाबाद झण्डे वाला पार्क में 18, लाटूश रोड चारबाग चुगीं में 26, कानपुर रोड नगर निगम के पास में 4, डालीगंज यूनानी हास्पिटल में 39 तथा इन्दिरा नगर सी-ब्लाक मे 28 शहरी गरीबों द्वारा शेल्टर होम्स की सुविधाओं का लाभ उठाया।
प्रदेश के शहरी गरीबों से यह अनुरोध किया गया कि कृपया सरकार द्वारा चलाई जा रही शैल्टर होम की योजना लाभ उठाएं एवं किसी भी दशा में खुले स्थान पर न सोएं। निदेशक, सूडा ने बताया कि प्रदेश में कुल 169 स्थायी शेल्टर होम तथा 179 अस्थायी शैल्टर होम में शहरी गरीबों के रूकने की समुचित व्यवस्था की गयी है। प्रदेश सरकार द्वारा शेल्टर होम में रूकने के लिए पलंग, गद्दा, कम्बल, किचन, अलमारी, स्नान घर, ठंड से बचाव के लिए अलाव और अन्य जरूरी सुविधाये उपलब्ध करायी जा रही है। परिवारों हेतु अलग से रूम उपलब्ध है तथा किचन में खाने-बनाने की भी सुविधा उपलब्ध है।