एक बार नमन करो, वीर बैसवारा है
मेरी जन्मभूमि बैसवारा सदियों से कलम और तलवार का धनी क्षेत्र रहा है। महावीर प्रसाद द्विवेदी, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे अनूठे साहित्यकार और राजा राव राम बख्श सिंह तथा राणा बेनी माधव जैसे दुर्जेय योद्धा […]
मेरी जन्मभूमि बैसवारा सदियों से कलम और तलवार का धनी क्षेत्र रहा है। महावीर प्रसाद द्विवेदी, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे अनूठे साहित्यकार और राजा राव राम बख्श सिंह तथा राणा बेनी माधव जैसे दुर्जेय योद्धा […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• खेती-किसानी है जल रही, शासन की नीति है खल रही। कौन-सा गुनाह था किसानों का? उनकी ख़ुशी हाथ है मल रही। धोखा बना आश्वासन का सूरज, चहुँ दिशि बदली […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ मे वित्तमन्त्री के रूप मे जनता के सीने पर हल जोत रही निर्मल सीतारमण से कल (२५ जुलाई) लोकसभा मे जब प्रश्न किया गया था– स्विस […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय काँवरियों (‘काँवड़ियों’ अनुपयुक्त शब्द है।) को इतनी सुविधाएँ न दी जायें कि जनसामान्य का गमनागमन (‘आवागमन’ अशुद्ध शब्द है।) अवरुद्ध हो जाये। सभी समुदाय के पूजा-पाठ को समान रूप से […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश मे दो क़ानून :–एक तुम्हारा और दूजा हमारा। तुम चाहें जितनी और जितनी बार पेंशन लो और हमारी पेंशन बन्द; तुम चाहें जितनी भी सुविधाएँ लो, हमारी सुविधाओं पर […]
भगवान शंकर तो औघड़ थे इसलिए कैलाश पर्वत की हाड़ कंपा देने वाली ठंडी और श्मशान के ताप में भी खुश थे। बाघम्बर उनका वस्त्र था और एक शिला उनका शयन कक्ष। वे वहाँ पर […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सरकारी ‘लॉक-डाउन’ के कारण अब तक लाखों लोग नौकरी से बाहर हो चुके हैं; बाहर किये जा रहे हैं; कम्पनियाँ, व्यावसायिक प्रतिष्ठान इत्यादिक बन्द किये जा रहे हैं। ऐसे मे, […]
एक– चालीसा नेता लिखैं, ‘पण्डित पृथ्वीनाथ’। झोरि-झोरि नेता कहैं, भूलै लियो न साथ।। दो– नेता जीव अजीब बा, दूहैं जनता रोज। दुइ डेग जनतौ बढ़ैन, करै वैसहीं खोज।। तीन– फँसा राम दुइ फाँक मा, अस […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–ध्यान बँटाने के लिए, तरह-तरह की खोज।मन्दिर-मस्जिद लड़ रहे, हर पल हर दिन रोज़।।दो–सत्ता चेरी बन गयी, कुरसी चिपकी देह।रड़ुवा-रड़ुवी संग हैं, माग भरी है रेह।।तीन–ग़ज़नी-गोरी मिल गये, लूट रहे […]
प्रभात सिंह (मान्यता प्राप्त पत्रकार), लखनऊ- नेता जी, आपके ऊपर लोहियावादी पार्टी और समाजवादी परिवार का भार है, इस भार को वहन करना आसान नहीं है। आज के दौर में “हम दो हमारे दो” टाइप […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बच्चा– चच्चा!चच्चा– बोल बच्चा?बच्चा– चच्चा! अब तो अपनी रेखा की पाँचों अँगुरी घी मे है?चच्चा– वह कैसे?बच्चा– बुल्डोजर बाबा की सरकार बनने जा रही है। चुनाव मे सभी सभी छात्राओं […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बच्चा– चच्चा! एक बात बताओ?चच्चा– बोल बच्चा?बच्चा– कल आप और चच्ची को आपके दोनो बेटे खरी-खोटी सुना रहे थे।चच्चा– तो क्या हुआ?बच्चा– वे तो यह भी कह रहे थे– घर […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय केन्द्र मे जब काँग्रेस; उत्तरप्रदेश मे बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने शासन करते समय अति कर दी थी तब मन यही कहता था– एक कुत्ता मंज़ूर है; लेकिन […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बंगाल से आकर ममता दीदी का आज (७ फ़रवरी) लखनऊ मे अखिलेश यादव के साथ मुलाक़ात करना, उत्तरप्रदेश की राजनीति मे ‘खेला होबे’ के नये संस्करण ‘खदेड़ा होबे’ की सम्भावना […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वाह!ग़ज़ब की ख़्वाहिश! चड्ढी, ब्रा, लँगोटा मे भी इन महापुरुषों के चित्र चिपका देने चाहिए। यह तब है, जब चुनाव आयोग के द्वारा ‘चुनाव आचार संहिता’ लागू है। आश्चर्य की […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–गंगा में शव बह रहे, केवल दिखता रोष।शासक मद में चूर है, नहीं किसी को होश।।दो–क्रूर बहुत परिवेश है, साधन-सुविधा हीन।जनता ऐसी दिख रही, मानो कोई दीन।।तीन–हम अपने ही देश […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जमूरे!बोल ओस्ताद।अबे! कहाँ मर गया तू?यहीं तो हूँ ओस्ताद! तेरे पिच्छू।कोरोना से अब तक लाखों लोग मर चुके हैं।फिर ओस्ताद!अबे हरामख़ोर!तुझे क्यों रखा है?’मन की बात’ सुनाऔर यहाँ बटोरी गयी […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भाइयों-बहनों-मितरों! फोर ट्वेंटी वेब ४२० पर यह खोखलीवाणी का ८४० झूमरी तलय्या का ढपोरशंखी-केन्द्र है। मैं लफ़्फ़ाज पण्डित लफ़्फ़ाजी का पिटारा लेकर ख़ुदा को हाज़िर-नाज़िर जानकर दरवाज़ातोड़ हाज़िर हूँ। जैसा […]
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इधर, हमारे देश में ‘रिजल्ट’ आने से पहले ही ‘सुसाइड’ करने का प्रचलन बढ़ गया है। ऐसे में ‘सिचुएशन’ अब बहुत ‘क्रिटिकल’ हो गया है। इसके लिए अब ‘सुसाइड कण्ट्रोलर’ […]
पृथ्वीनाथ पाण्डेय– नरेन्द्र मोदी ने कल (२ मार्च) रात्रि में ट्वीट किया था– मैं ‘सोसल मीडिया’ प्लेटफॉर्म छोड़ रहा हूँ, फिर आज दोपहर में लगभग १६ घण्टे-बाद ट्वीट किया है– एक दिन के लिए ‘सोसल […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ‘न्यू इण्डिया’ का दामाद बनकर आ रहे हैं। अफ़सोस, हम भारतीयों के करोड़ों रुपये ट्रम्प की यात्रा पर व्यय किये जा रहे हैं; किन्तु देशवासियों […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- तो क्या पाकिस्तान जीत गया? तो क्या आतंकवाद जीत गया? तो क्या हनुमान् किसी की निजी सम्पदा हैं? यह देश का ऐसा पहला चुनाव था, जिसमें किसी मुख्यमन्त्री ने इस आशय की […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- काहें के दँतवा चियार कर घिंघोर रही हो जी? तुम्हारे भी आच्छा दिनवा आ गया है। चौकीदरवा ‘दूधा का भात’ खा गया। उसको हम तुम्हारे लिए सरिहार कर रखे थे। अब का […]
महेन्द्र नाथ महर्षि, से•नि• वरिष्ठ अधिकारी दूरदर्शन (गुरुग्राम)- आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पिछली टीम के बहुत से चेहरे नयों से बदल दिए गए […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– एक : राष्ट्रवाद छद्म बना, चहुँ दिशि दिखते चोर। मुँह काला हो रात में, चन्दन चमके भोर।। दो : तन पाप में ख़ूब रमा, पुण्य नहीं है पास। मुखमण्डल जल्लाद-सा, कैसे आये […]