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वैक्सीनेशन कराने जा रहे हैं तो रहें सावधान, दी जा सकती है ग़लत ख़ुराक

सीएचसी कछौना में मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से महिला को दी गई गलत खुराक

दीपक कुमार श्रीवास्तव —

कछौना (हरदोई)। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। जहाँ एक महिला को पहली डोज कोवैक्सीन की और दूसरी डोज कोविशील्ड की लगा दी गई है। इसकी वजह से वैक्सीन लगवा चुकी महिला साइड इफेक्ट की आशंका के चलते काफी डरी व सहमी हुई है। पूरा मामला कछौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। महिला के पुत्र ने मेडिकल स्टाफ की इस घोर लापरवाही के प्रति आपत्ति एवं नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों से शिकायत की है। वहीं महिला ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र लिख दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता

पीड़ित महिला के पुत्र पंकज द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 मई को उसकी माताजी राजकुमारी (65) पत्नी गोकुल प्रसाद ने सीएचसी कछौना में कोवैक्सीन के रूप में पहली डोज लगवाई थी, जिसके बाद 14 जून को उन्हें दूसरी डोज लगनी थी। लेकिन नियत समय पर सीएचसी में कोवैक्सीन की अनुपलब्धता के चलते बुधवार 23 मई को वह अपनी माता को दूसरी डोज लगवाने के लिए उनके साथ सीएचसी पहुँचा। जहाँ मेडिकल स्टाफ ने भारी लापरवाही बरतते हुए उसकी माँ को कोवैक्सीन की जगह कोविशील्ड की डोज लगा दी। पंकज ने बताया कि जब उसने देखा कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उसकी मां को गलत डोज दे दी है, तो उसने इस लापरवाही लिए मेडिकल स्टाफ पर काफी नाराजगी व्यक्त करते हुए आपत्ति दर्ज की। इस पूरे मामले की जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं, इस बात की जानकारी जबसे वैक्सीन लगवा चुकी महिला को हुई है तबसे वह भी काफी भयभीत व बेचैन है।

सीएचसी में कोविड वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बरती गई इस बड़ी लापरवाही से नाराज महिला के पुत्र पंकज ने विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की शिकायत करते हुए भविष्य में उसकी मां राजकुमारी को किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट या दुष्परिणाम होने की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होने की बात कही है। इस पूरे मामले के संबंध में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना के अधीक्षक किसने बाजपेई से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसा कोई भी मामला संज्ञान में नहीं आया है, यदि ऐसी घटना हुई है तो मेडिकल जिम्मेदार मेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।