इलाहाबाद में आयोजित किये जा रहे ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला २०१८’ के बौद्धिक-सांस्कृतिक मंच पर १८ फ़रवरी, २०१८ ई० को ‘अभिरुचि प्रकाशन’ की ओर से ‘सारस्वत समारोह में भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का सम्मान किया गया। उन्हें सर्वाधिक पुस्तक-लेखन के लिए पुस्तक मेला के प्रभारी देवराज अरोड़ा ने ‘सर्वाधिक लेखन-सम्मान’ से समलंकृत किया।
उल्लेखनीय है कि डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने बाल, किशोर, प्रौढ़-साहित्य, गम्भीर साहित्य, कोश, विश्वकोश, व्याकरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, मीडिया, प्रतियोगितात्मक आदिक विषयों पर एक हज़ार से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है।
इसी अवसर पर डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की अध्यक्षता में एक भव्य कविसम्मेलन आयोजित किया गया और अध्यक्ष डॉ० पाण्डेय ने समस्त कवि-कवयित्रियों को ‘अभिरुचि प्रकाशन’ की ओर से प्रशस्तिपत्र प्रदान कर समादृत किया।
अपना अध्यक्षीय सम्भाषण करते हुए, डॉ० पाण्डेय ने कहा, “अभिधा, लक्षणा तथा व्यंजना के साथ काव्य की अवतारणा जब यथार्थ के धरातल पर होती है तब उसका प्रभाव देखते ही बनता है। यही कारण है कि कवि कल्पना-जगत् का सम्राट् होता है।”
कवि-सम्मेलन में डॉ० वीरेन्द्र तिवारी, देवयानी, सरिता मिश्र, रामायण दुबे, डॉ० इन्दुप्रकाश मिश्र, रत्नाकर सिंह ‘तन्हा’, मीरा सिनहा, कविता उपाध्याय, पूनम शुक्ल, असलम आदिल इलाहाबादी, एस० एम० ख़ान आदि ने काव्यपाठ किये।
सारस्वत समारोह का संयोजन ‘अभिरुचि प्रकाशन’ के स्वामी शैलेन्द्र चौधरी और संचालन डॉ० रवि मिश्र ने किया।