आज राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को रांची में सी बी आई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चौथे मामले में 14 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है । विभिन्न धाराओं के तहत अदालत ने सात-सात वर्ष की सजा सुनाई । न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने आदेश दिया कि सजाएं एक के बाद एक चलेंगी । लालू प्रसाद यादव पर अदालत ने साठ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है । मालूम हो कि यह मामला दुमका कोषागार से अवैध रूप से तीन करोड़ 76 लाख रुपये निकाले जाने से संबंधित है । इस मुकदमे में दोषी सभी 19 व्यक्तियों को भी सज़ा सुनाई गई ।
इस मामले में पशुपालन विभाग के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ओ पी दिवाकर के लिए भी सजा मुकर्रर की गई । इस केस में जो 9 सरकारी अफसर दोषी पाये गये थे उनमें प्रत्येक को सात वर्ष की सजा और 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है । शेष आठ आपूर्तिकर्ताओं को साढ़े तीन वर्ष की सजा और 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया । 1990 के बाद दोषियों के अवैध सम्पत्तियों को जज शिवपाल सिंह ने जब्त करने का आदेश भी दिया है । प्रवर्तन निदेशालय से सम्पत्ति जब्त करने के पहले सीबीआई को इसकी जांच करानी होगी ।