आज भारत को ‘पैरालिम्पिक– २०२०’ में दो स्वर्ण, दो रजत तथा एक काँस्यपदक मिले हैं

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

आज (३० अगस्त) भारत को टोक्यो में आयोजित पैरालिम्पिक– २०२० में भारतीय महिला-पुरुष खिलाड़ियों ने दो स्वर्ण, दो रजत तथा एक काँस्यपदक जीते हैं। इस प्रकार भारत आज की पदक-तालिका में छब्बीसवें स्थान पर है।

भारतीय महिला खिलाड़ी १९ वर्षीया अवनि लेखड़ा ने निशानेबाज़ी-प्रतियोगिता के एस ‘एच- १’ श्रेणी के अन्तर्गत १० मीटर एअर राइफ़ल की स्पर्द्धा में स्वर्णपदक अर्जित किया है, जो निशानेबाज़ी में यह भारत का प्रथम पैरालिम्पिक स्वर्णपदक है। उल्लेखनीय है कि अवनि पहले सातवें स्थान पर थीं; किन्तु अपनी सटीक निशानेबाज़ी का परिचय देते हुए, पहले स्थान पर पहुँच गयीं।

सोनीपत (हरियाणा) के २३ वर्षीय खिलाड़ी सुमित अन्तिल ने ‘एफ- ६४’ श्रेणी के अन्तर्गत अपने अन्तिम प्रयास में ६८.५५ मीटर की दूरी तक भाला-प्रक्षेपण करके स्वर्णपदक पर अधिकार कर लिया है। इस श्रेणी के अन्तर्गत वे खिलाड़ी भाग लेते हैं, जिनका एक पैर कटा रहता है और वे कृत्रिम पैर लगाकर अपना प्रदर्शन करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने नाम विश्वकीर्तिमान भी कर लिया है।

२४ वर्षीय योगेश कथूनिया ने चक्र-प्रक्षेपण में ‘एफ- ५६’ श्रेणी के अन्तर्गत अपने अन्तिम प्रयास में ४४.३८ मीटर की दूरी तक प्रक्षेपण करके रजतपदक अर्जित कर लिया है। कथूनिया आठ वर्ष की अवस्था में ही लक़्वाग्रस्त हो गये थे।

भाला-प्रक्षेपण में भारत के हिस्से में तीनों पदक :– रजत और काँस्यपदक आये हैं। चुरू (राजस्थान) के ४० वर्षीय देवेन्द्र झाझरिया ने ‘एफ- ४६’ श्रेणी के अन्तर्गत ६४.३५ मीटर की दूरी तक भाला-प्रक्षेपण करके रजतपदक और सुन्दर सिंह गुर्जर ने ६४.१ मीटर की दूरी तक भाला-प्रक्षेपण करके काँस्यपदक जीते हैं।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ३० अगस्त, २०२१ ईसवी।)